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मऊ में मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग का शिकंजा : निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं, संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच हेतु भेजे गए

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Dainik India News

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दैनिक इंडिया न्यूज़, मऊ।जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद मऊ में अवैध एवं संदिग्ध औषधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने आज एक मेडिकल स्टोर पर छापेमार निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेखों में भारी खामियां पाए जाने पर विभागीय अधिकारियों ने तीन संदिग्ध दवाओं के नमूने संग्रहित कर उन्हें जांच हेतु प्रयोगशाला भेज दिया।

औषधि निरीक्षक द्वारा मेसर्स एस.के. मेडिकल, निकट बरपुर बारह विघा, गालिबपुर, मऊ स्थित प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान फर्म स्वामी सतीश कुमार सिंह मौके पर उपस्थित मिले। निरीक्षण के समय विभागीय अधिकारियों द्वारा जब औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया, तब आवश्यक दस्तावेज नियमानुसार उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके अतिरिक्त निरीक्षण में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के नियम-65 के उल्लंघन की स्थिति भी पाई गई, जिससे विभागीय टीम सतर्क हो गई।

जांच के दौरान अधिकारियों ने तीन संदिग्ध औषधियों के नमूने नियमानुसार संग्रहित किए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित दवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं अथवा नहीं। यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी अथवा मानकविहीनता पाई जाती है, तो संबंधित फर्म के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि प्रतिबंधित एवं संवेदनशील श्रेणी की औषधियों के सुरक्षित भंडारण हेतु आवश्यक मानक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं थीं। बढ़ते तापमान और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए औषधियों के उचित रख-रखाव एवं तापमान नियंत्रण संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर भी विभाग ने गंभीर आपत्ति दर्ज की। अधिकारियों ने फर्म स्वामी को स्पष्ट निर्देश दिए कि औषधियों के भंडारण हेतु निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।

फर्म स्वामी द्वारा यह भी बताया गया कि औषधि अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के बाद से अब तक केवल दो व्यक्तियों को अनुभव प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान उनसे संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की।

औषधि निरीक्षक ने निर्देशित किया कि संबंधित औषधियों के क्रय-विक्रय अभिलेख, अनुभव प्रमाण-पत्रों से जुड़े दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक साक्ष्य छह कार्य दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत संपूर्ण प्रकरण में नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनपद में लगातार हो रही ऐसी कार्रवाईयों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन अब औषधियों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और मेडिकल स्टोरों की वैधानिक गतिविधियों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

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