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स्थापना दिवस पर वैभवशाली शक्ति-प्रदर्शन की तैयारी में भाजपा महानगर, 6 से 12 अप्रैल तक गूंजेगा ‘राष्ट्र प्रथम’ का उद्घोष

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स्थापना दिवस पर वैभवशाली शक्ति-प्रदर्शन की तैयारी में भाजपा महानगर, 6 से 12 अप्रैल तक गूंजेगा ‘राष्ट्र प्रथम’ का उद्घोष

दैनिक इंडिया न्यूज़ , लखनऊ। राजनीतिक चेतना के उत्कर्ष और संगठनात्मक अनुशासन की पराकाष्ठा का साक्षी बनने जा रहा है लखनऊ महानगर, जहाँ भारतीय जनता पार्टी अपने 47वें स्थापना दिवस को अभूतपूर्व गरिमा, वैभव और राष्ट्रनिष्ठ भावबोध के साथ मनाने की व्यापक रणनीति में संलग्न है। हलवासिया कोर्ट में सम्पन्न हुई एक महत्त्वपूर्ण बैठक में महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी के नेतृत्व तथा अवध क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजीव बाजपेयी के मार्गदर्शन में यह स्पष्ट कर दिया गया कि इस बार का आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विचारधारा के विराट प्रसार का सशक्त माध्यम बनेगा।


बैठक में लिए गए निर्णयों ने संकेत दे दिया है कि 5, 6 और 7 अप्रैल को महानगर एवं मंडल कार्यालयों को केवल सजाया ही नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें वैचारिक ऊर्जा के केंद्र के रूप में रूपांतरित किया जाएगा। 6 अप्रैल को ध्वजारोहण के साथ पार्टी की विकास यात्रा का सजीव स्मरण, प्रेरक उद्बोधन और मिष्ठान वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नवचेतना का संचार किया जाएगा।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और भारत माता के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रसेवा के संकल्प को पुनः प्रज्ज्वलित किया जाएगा—एक ऐसा क्षण, जो हर कार्यकर्ता के अंतर्मन में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
किन्तु यह तो केवल आरंभ है। 8 और 9 अप्रैल को विधानसभा स्तर पर आयोजित होने वाले सक्रिय सदस्य सम्मेलनों में विचारों का ऐसा मंथन होगा, जो संगठन की भावी दिशा निर्धारित करेगा। तीन वक्ताओं द्वारा तीन गूढ़ विषयों पर केंद्रित विमर्श—संगठनात्मक विस्तार, जनसमर्थन की निर्णायक भूमिका और भारतीय राजनीति में भाजपा द्वारा स्थापित सेवा, अंत्योदय तथा विकासोन्मुखी प्रतिमान—कार्यकर्ताओं को न केवल वैचारिक रूप से सुदृढ़ करेंगे, बल्कि उन्हें राजनीतिक परिदृश्य में अपनी भूमिका के प्रति और अधिक सजग भी बनाएंगे।
इसी क्रम में 7 से 12 अप्रैल के मध्य वार्ड स्तर पर जो कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्तावित है, वह इस आयोजन को जनसरोकारों से सीधे जोड़ने का कार्य करेगी। स्वच्छता अभियान से लेकर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान, बुद्धिजीवियों से संवाद और समाज के विविध वर्गों के साथ सजीव संपर्क—हर गतिविधि में एक ही ध्येय प्रतिध्वनित होगा: ‘सेवा ही संगठन का प्राण है।’ लाभार्थियों के साथ संवाद के माध्यम से सरकार की योजनाओं की वास्तविक प्रभावशीलता को भी जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सघन उपस्थिति स्वयं इस बात का प्रमाण थी कि यह आयोजन केवल कार्यक्रमों का संकलन नहीं, बल्कि एक व्यापक जनांदोलन का रूप लेने जा रहा है। मीडिया प्रभारी अनुराग साहू ने जानकारी दी कि महानगर महामंत्री घनश्याम दास अग्रवाल, राजीव मिश्रा, सत्येन्द्र कुमार सिंह, टिंकू सोनकर, सौरभ बाल्मीकि, विनायक पाण्डेय, सीता नेगी, कुमकुम राजपूत, दीपक शुक्ला, जी.डी. शुक्ला, आनंद कुमार पाण्डेय, सचिन वैश्य, राजेश चौधरी, सतीश चन्द्र मिश्रा, अर्चना साहू, चन्द्र प्रकाश अवस्थी, पंकज सक्सेना, डैनिश सोनकर, शैलेन्द्र राय, मयंक बाजपेयी, संकेत मिश्रा, उमेश तिवारी, टी.आर. जोशी, सतवीर सिंह, सन्नी, मणिकांत शुक्ला, संतोष सिंह सहित अनेक पदाधिकारी और मण्डल अध्यक्ष उपस्थित रहे—और सभी के मन में एक ही संकल्प स्पष्ट था: इस स्थापना दिवस को ऐतिहासिक बनाना।
अब देखना यह है कि 6 अप्रैल से प्रारंभ होने वाला यह वैचारिक और संगठनात्मक उत्सव किस प्रकार जनमानस में अपनी अमिट छाप छोड़ता है—क्योंकि जो संकेत मिल रहे हैं, वे एक असाधारण राजनीतिक ऊर्जा के उद्भव की ओर इशारा कर रहे हैं।

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