ब्रेकिंग न्यूज़
लखनऊ का भरोसा, अब दिल्ली की ओर बढ़ते कदम — Himalaya Motor Training School बना सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण का नया मानक | देववाणी संस्कृत के पुनर्जागरण का महाअभियान, 25 अगस्त से अवधप्रांत में गूंजेगा संस्कृत सप्ताह | रात 11 बजे बिजली उपकेंद्रों पर पहुंचीं विधायक केतकी सिंह, बिजली कटौती पर अधिकारियों से मांगा जवाब | क्या भारतीय नौकरशाही का ‘स्टील फ्रेम’ अब पुनर्निर्माण की मांग कर रहा है? | गंगाजल: केवल जल नहीं, सनातन सभ्यता की आत्मा है माँ गंगा | भाजपा अवध के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी का लखनऊ में ऐतिहासिक स्वागत | खेत देखने गई 14 वर्षीय किशोरी नाले में समाई, मछुआरों के जाल में मिला शव | प्रवीण गर्ग ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया से की भेंट, स्वदेशी खेलों के संवर्धन पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा | लखनऊ का भरोसा, अब दिल्ली की ओर बढ़ते कदम — Himalaya Motor Training School बना सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण का नया मानक | देववाणी संस्कृत के पुनर्जागरण का महाअभियान, 25 अगस्त से अवधप्रांत में गूंजेगा संस्कृत सप्ताह | रात 11 बजे बिजली उपकेंद्रों पर पहुंचीं विधायक केतकी सिंह, बिजली कटौती पर अधिकारियों से मांगा जवाब | क्या भारतीय नौकरशाही का ‘स्टील फ्रेम’ अब पुनर्निर्माण की मांग कर रहा है? | गंगाजल: केवल जल नहीं, सनातन सभ्यता की आत्मा है माँ गंगा | भाजपा अवध के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी का लखनऊ में ऐतिहासिक स्वागत | खेत देखने गई 14 वर्षीय किशोरी नाले में समाई, मछुआरों के जाल में मिला शव | प्रवीण गर्ग ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया से की भेंट, स्वदेशी खेलों के संवर्धन पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा |
हाइलाइट न्यूज़
सुनहरा अवसर: आईआरसीटीसी की 'भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन' से करें दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों का दर्शन मुख्यमंत्री जी ने जनपद गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह को सम्बोधित किया लखनऊ में जेठ माह के मंगल भंडारे का आत्मीय आयोजन-जितेंद्र प्रताप सिंह मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर मण्डल की आई0टी0 एवं सोशल मीडिया कार्यशाला को सम्बोधित किया उत्तर प्रदेश शिया वक्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने आज सनातन/ हिंदू धर्म स्वीकारा परीक्षा को लेकर विचारणीय पाठ्यक्रम पर उत्तर प्रदेश संस्कृत माध्यमिक शिक्षा परिषद की सहमति बनी - जे पी सिंह जनपद मऊ के चचाईपार में नील गाय से भीषण एक्सीडेन्ट , दो लोग गम्भीर रुप से जख्मी भगवान विश्वकर्मा निर्माण व सृजन के देवता हैं, भारत में आदिकाल से परम्परागत उद्योगों का विशेष महत्व रहा: मुख्यमंत्री: सुनहरा अवसर: आईआरसीटीसी की 'भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन' से करें दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों का दर्शन मुख्यमंत्री जी ने जनपद गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक समारोह को सम्बोधित किया लखनऊ में जेठ माह के मंगल भंडारे का आत्मीय आयोजन-जितेंद्र प्रताप सिंह मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर मण्डल की आई0टी0 एवं सोशल मीडिया कार्यशाला को सम्बोधित किया उत्तर प्रदेश शिया वक्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने आज सनातन/ हिंदू धर्म स्वीकारा परीक्षा को लेकर विचारणीय पाठ्यक्रम पर उत्तर प्रदेश संस्कृत माध्यमिक शिक्षा परिषद की सहमति बनी - जे पी सिंह जनपद मऊ के चचाईपार में नील गाय से भीषण एक्सीडेन्ट , दो लोग गम्भीर रुप से जख्मी भगवान विश्वकर्मा निर्माण व सृजन के देवता हैं, भारत में आदिकाल से परम्परागत उद्योगों का विशेष महत्व रहा: मुख्यमंत्री:
महाराष्ट्र English

दो टूक :हल्दीघाटी हो या गनवान घाटी भारत ना झुका है, ना झुकेगा अगर कोई हमें उसका आएगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं -रक्षा मंत्री

D

Dainik India News

68 views
दो टूक :हल्दीघाटी हो या गनवान घाटी भारत ना झुका है, ना झुकेगा अगर कोई हमें उसका आएगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं -रक्षा मंत्री

हरिंद्र सिंह दैनिक इंडिया न्यूज़ :रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप महासम्मेलन में एक भाषण दिया। उन्होंने बयान में देश की अद्वितीय सामरिक ताकत, सुरक्षा और स्वाभिमान को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि हमेशा से भारत अपने भूमि के लिए सम्मान की रक्षा करता आया है और आगे भी करता रहेगा।

श्री सिंह ने हल्दीघाटी और गलवान घाटी के उदाहरण को उठाकर दिखाया कि भारतीय सेना ने अपने इतिहास में किसी भी परिस्थिति में झुकने की अनुमति नहीं दी है। हल्दीघाटी की घटना में महाराणा प्रताप ने विजय के लिए लड़ाई दी थी, जबकि गलवान घाटी में वर्तमान में भारतीय सेना ने चीन के साथ तनावमय सीमा विवाद का सामना किया है। इन उदाहरणों से उन्होंने यह प्रमाणित किया कि भारत न कभी झुका है और न कभी झुकेगा।

उन्होंने भारतीय सेना की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया और कहा कि हमारी सेनाएं हमेशा सम्मान की रक्षा करती हैं।

और देश की सुरक्षा के सेना लिए प्रतिबद्ध रहेंगी। उन्होंने उपस्थित जनता को समझाया कि उन्हें अपने गर्वपूर्ण इतिहास के पन्नों से प्रेरणा मिलेगी, जैसे महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज ने स्वाभिमान और साहस के साथ अपने जीवन को जीता है।

श्री सिंह ने देश के गर्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत कभी भी किसी को उकसाने की नीति नहीं अपनाता है, लेकिन अगर कोई देश हमें उकसाएगा तो हम उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में होने वाली सुरक्षा कार्रवाईयों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सेनाएं उरी और पुलवामा जैसी घटनाओं के बाद भी आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करती आ रही हैं। वे इस्तीफे के मुद्दे पर भी संवेदनशीलता जताकर दिखा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आज की युद्ध प्रणाली बहुत व्यापक हो गई है और हमें तकनीकी और सामरिक तरीकों में अद्यतित रहना चाहिए। उन्होंने भारतीय सेना के मौजूदा मोड़ को स्वयंसेवक आंदोलन और सेना के नारे "भारत माता की जय" के साथ तुलना की और कहा कि हमें इस समय में अपनी ताकत को मजबूती से बनाए रखने की जरूरत है।

वे भी उज्जवल बुद्धि, बहुदलीय समर्थन, रक्षा और विदेशी सहयोग को महत्व देने का आह्वान करते हुए देशवासियों को उपहासपूर्ण ढंग से कहा कि हम अपने विरोधियों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।

यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विश्वास को दिखाता है कि भारतीय सरकार और सुरक्षा एजेंसियां देश की सुरक्षा को लेकर निरंतर तत्पर और अनुकरणीय हैं। इससे देशवासियों को एक मजबूत संदेश मिलता है कि भारत सदैव अपने मान-सम्मान की रक्षा करेगा और किसी भी विनाशकारी ताकत के सामरिक आक्रमण का सामना करने के लिए तैयार हैं।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!