ब्रेकिंग न्यूज़
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस संपन्न, किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश | मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित | अभिलेखों की लापरवाही पर जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, पांच कर्मचारियों का वेतन रोका | एकादश रुद्र महाबली हनुमान जी की असीम कृपा से राजधानी में संपन्न हुआ दिव्य महाभंडारा | तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस संपन्न, किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश | मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित | अभिलेखों की लापरवाही पर जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, पांच कर्मचारियों का वेतन रोका | एकादश रुद्र महाबली हनुमान जी की असीम कृपा से राजधानी में संपन्न हुआ दिव्य महाभंडारा | तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र |
हाइलाइट न्यूज़
महापौर के साथ नगर आयुक्त ने सुनीं समस्याएं, तत्काल निराकरण सामाजिक समरसता मंच द्वारा समरसता भोज का आयोजन का भव्य आयोजन कोविड 19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को 50000 रु० अहैतुक सहायता देनें का निर्णय त्वरित आर्थिक विकास योजना से उत्तर विधानसभा में 10.68 करोड़ और पश्चिम में 18.92 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी है:हरिंद्र कुमार सिंह प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों पर हाई कोर्ट सख्त समाजवादी छात्र-सभा का राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने पर सपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए संस्कृतभारती का प्रयास सराहनीय- डॉ दिनेश शर्मा महापौर के साथ नगर आयुक्त ने सुनीं समस्याएं, तत्काल निराकरण सामाजिक समरसता मंच द्वारा समरसता भोज का आयोजन का भव्य आयोजन कोविड 19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को 50000 रु० अहैतुक सहायता देनें का निर्णय त्वरित आर्थिक विकास योजना से उत्तर विधानसभा में 10.68 करोड़ और पश्चिम में 18.92 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी है:हरिंद्र कुमार सिंह प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों पर हाई कोर्ट सख्त समाजवादी छात्र-सभा का राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने पर सपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए संस्कृतभारती का प्रयास सराहनीय- डॉ दिनेश शर्मा
महाराष्ट्र English

शरद पवार ने काँग्रेस की कर दी तुलना जमींदार से, कहा हवेली भी नही सम्हाली जाती देश क्या सम्हालेंगे

ब्यूरो डीडी इंडिया

38 views
शरद पवार ने काँग्रेस की कर दी तुलना जमींदार से, कहा हवेली भी नही सम्हाली जाती देश क्या सम्हालेंगे

ब्यूरो डीडी इंडिया

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यह स्वीकार करना चाहिए कि 'कश्मीर से कन्याकुमारी' तक अब उसका दबदबा वैसा नहीं रह गया है जैसा कभी हुआ करता था, और संकेत दिया कि महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन में उनके सहयोगी दल को वास्तविकता की जांच करनी चाहिए।

पवार ने कहा, "एक समय था जब कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक कांग्रेस थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह (सच) स्वीकार किया जाना चाहिए। यह (तथ्य) स्वीकार करने की मानसिकता (कांग्रेस के अंदर) जब होगी तब नजदीकी (अन्य विपक्षी दलों के साथ) बढ़ जाएगी।"

पवार ने इंडिया टुडे समूह के मराठी डिजिटल मंच 'मुंबई तक' को बताया, "जब नेतृत्व की बात आती है तो कांग्रेस के मेरे सहयोगी अलग नजरिया रखने के पक्ष में नहीं हैं।" पवार को जब बताया गया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी के एकजुट विपक्ष का चेहरा होने के बारे में बताया गया, तो कांग्रेस के लोग कहते हैं कि उनके पास राहुल गांधी हैं।

पवार ने चुटकी लेते हुए कहा, "सभी दल, खासकर कांग्रेस के सहयोगी अपने नेतृत्व पर अलग रुख अपनाने को तैयार नहीं हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसा अहंकार के कारण है, पवार ने जमींदारों के बारे में एक किस्सा उद्धृत किया जिसने अपनी अधिकांश जमीन खो दी थी और हवेली के रखरखाव में भी असमर्थ था।

पवार ने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के जमींदारों के बारे में एक कहानी सुनाई थी जिनके पास काफी जमीन और बड़ी हवेलियां हुआ करती थीं। भू-सीमन कानून के कारण उनकी जमीन कम हो गई। हवेलियां बनी रहीं लेकिन उनके रखरखाव व मरम्मत की क्षमता (जमींदारों की) नहीं रही। उनकी कृषि से होने वाली आय भी पहले जैसी नहीं थी। कई हजार एकड़ से सिमटकर उनकी जमीन 15-20 एकड़ रह गई। जमींदार जब सुबह उठा, उसने आसपास के हरे-भरे खेतों को देखा और कहा कि सारी जमीन उसकी है। वो कभी उसकी थी लेकिन अब नहीं है।"

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस की तुलना बंजर गांव के पाटिल (प्रमुख) से की जा सकती है, पवार ने कहा कि वह यह तुलना नहीं करना चाहेंगे। बता दें शुरुआत में सियासी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शरद पवार से मुलाक़ात की थी। यह मुलाकात पवार के दिल्ली में स्थित आवास पर हुई थी।
इस दौरान पवार ने बयान दिया था कि कांग्रेस के बिना थर्ड फ्रंट की कल्पना मुश्किल है। कांग्रेस विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है। उसकी पहुंच राष्ट्रव्यापी है। कई राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश आदि में विपक्ष के रूप में कांग्रेस पुरजोर ढंग से मौजूद है। ऐसे में कांग्रेस के बिना किसी तरह के तीसरे मोर्चे की बात करना बेमानी है।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!