ब्रेकिंग न्यूज़
तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | बेटियों की मुस्कान बचाने को आगे आया व्यापार जगत, बढ़ती महंगाई के बीच टेंट और कैटरिंग के दाम न बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प | दुनिया की सबसे ताकतवर वित्तीय ताकत का भारत में विस्तार! | गोरखपुर में “25 लीटर दूध से 40 क्विंटल पनीर” का खेल उजागर | **UPPCL का ₹3000 करोड़ का ‘सिक्योरिटी सिंडिकेट’! स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से दोहरी वसूली का महाघोटाला?* | तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | बेटियों की मुस्कान बचाने को आगे आया व्यापार जगत, बढ़ती महंगाई के बीच टेंट और कैटरिंग के दाम न बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प | दुनिया की सबसे ताकतवर वित्तीय ताकत का भारत में विस्तार! | गोरखपुर में “25 लीटर दूध से 40 क्विंटल पनीर” का खेल उजागर | **UPPCL का ₹3000 करोड़ का ‘सिक्योरिटी सिंडिकेट’! स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से दोहरी वसूली का महाघोटाला?* |
हाइलाइट न्यूज़
कर्नाटक की धरती पर गरजे योगी, आसमां में गूंजा योगी-योगी जी एस टी को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर, अधिकारियों किया निर्देशित ,आगामी 6 माह में 4 लाख की बृद्धि का लक्ष्य नशीली दवाओं की बिक्री एवं भण्डारण की सीमा निर्धारित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर में धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस-डे का पर्व मुख्यमंत्री ने अक्षय तृतीया तथा परशुराम जयन्ती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश पाण्डेय के कुशल निर्देशन में 24 घंटे में चोरी का पर्दाफाश मुख्यमंत्री ने बलिया में पूर्व प्रधानमंत्री स्व० श्री चन्द्रशेखर जी की प्रतिमा का अनावरण किया भारत को वैश्विक मानचित्र पर नया सम्मान दिलाने की नई कामना का नाम है 'वैक्सीन वार': सीएम योगी कर्नाटक की धरती पर गरजे योगी, आसमां में गूंजा योगी-योगी जी एस टी को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर, अधिकारियों किया निर्देशित ,आगामी 6 माह में 4 लाख की बृद्धि का लक्ष्य नशीली दवाओं की बिक्री एवं भण्डारण की सीमा निर्धारित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय गोमती नगर में धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस-डे का पर्व मुख्यमंत्री ने अक्षय तृतीया तथा परशुराम जयन्ती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश पाण्डेय के कुशल निर्देशन में 24 घंटे में चोरी का पर्दाफाश मुख्यमंत्री ने बलिया में पूर्व प्रधानमंत्री स्व० श्री चन्द्रशेखर जी की प्रतिमा का अनावरण किया भारत को वैश्विक मानचित्र पर नया सम्मान दिलाने की नई कामना का नाम है 'वैक्सीन वार': सीएम योगी
अन्य English

अपने ब्रांड को कैसे बचाएं?

D

Dainik India News

47 views
अपने ब्रांड को कैसे बचाएं?

कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और पेटेंट – पहचान को सुरक्षित करने के कानूनी हथियार

“क़ानून को न समझने की कीमत कई बार पूरी ज़िंदगी की कमाई चुकाकर देनी पड़ती है” – अधिवक्ता द्विवेदी

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।सोचिए, आपने सालों की मेहनत से अपने ब्रांड को खड़ा किया। ग्राहकों का विश्वास जीता, नाम कमाया, और बाज़ार में अपनी पहचान बनाई। लेकिन अचानक एक दिन पता चला कि कोई और आपके ही नाम से कारोबार कर रहा है और उसने उस नाम का ट्रेडमार्क रजिस्टर भी करा लिया है। अब कानून की नज़र में वही असली मालिक होगा और आप मजबूरी में अपना नाम बदलने पर विवश हो जाएंगे।

यानी आपकी बरसों की मेहनत और आपकी पहचान पल भर में छिन सकती है। यही वजह है कि ब्रांड की सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों को जानना और अपनाना हर व्यापारी के लिए ज़रूरी है।

कानून में इसके लिए कई रास्ते बनाए गए हैं। अगर आपने कोई किताब, गीत, डिज़ाइन या सॉफ़्टवेयर बनाया है तो उसका कॉपीराइट आपको सुरक्षा देता है। अगर आपने कोई तकनीक, मशीन या दवा विकसित की है तो उसका पेटेंट लेकर आप उसे अपना अधिकार बना सकते हैं। और अगर आपने अपने व्यवसाय के लिए कोई नाम, लोगो या पैकिंग बनाई है तो उसे सुरक्षित करने का असली कवच है ट्रेडमार्क। केवल कंपनी का नाम पंजीकृत करा लेने से ब्रांड सुरक्षित नहीं होता, उसके लिए ट्रेडमार्क ज़रूरी है।

सीनियर कॉरपोरेट कंसलटेंट और वरिष्ठ अधिवक्ता सीएम द्विवेदी का कहना है –“जो व्यापारी यह सोचते हैं कि वे गुणवत्तापूर्ण काम करेंगे और भविष्य में अपनी अलग पहचान बनाएंगे, उनके लिए ट्रेडमार्क लेना अनिवार्य है। कई बार लोग सालों की मेहनत से नाम कमाते हैं और मात्र एक कागज़ी औपचारिकता पूरी न करने के कारण वह नाम किसी और के पास चला जाता है। कानून को न समझने की कीमत कई बार पूरी ज़िंदगी की कमाई चुकाकर देनी पड़ती है।”

अब इस बात को एक उदाहरण से समझिए।
मान लीजिए “राधेलाल स्वीट्स” के नाम से आपने दुकान खोली और मिठाई की क्वालिटी इतनी बेहतरीन निकली कि पूरे शहर में आपके नाम की चर्चा होने लगी। लेकिन तभी किसी ने उसी नाम का ट्रेडमार्क अपने नाम से करा लिया। अब कानून की नज़र में असली “राधेलाल स्वीट्स” वही होगा और आप अपनी पहचान बचाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

दुकानदार ने घबराते हुए वकील से पूछा – “तो क्या मेरी सालों की मेहनत अब किसी और के नाम चली जाएगी?”
अधिवक्ता द् मुस्कुराए और बोले – “अगर आप चाहें तो नहीं। लेकिन उसके लिए आपको कानूनी सुरक्षा का रास्ता अपनाना होगा। ट्रेडमार्क, पेटेंट और कॉपीराइट – यही आपके ब्रांड के असली हथियार हैं। और अगर आप विस्तार से समझना चाहते हैं कि कैसे अपने ब्रांड को हमेशा के लिए सुरक्षित करें, तो मेरे पास आइए… मैं आपको वह रास्ता दिखाऊँगा।”

👉 अधिक जानकारी और विस्तृत मार्गदर्शन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सीएम द्विवेदी से संपर्क किया जा सकता है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!