ब्रेकिंग न्यूज़
CBI की चार्जशीट, एक साल की बोली-बंदी और फिर ₹3,483 करोड़ के ठेके—आखिर किस कसौटी पर बार-बार मिलती रही हरी झंडी? | केजीएमयू के 121 साल के इतिहास में पहली बार—प्रो. सोनिया नित्यानंद की ‘दूसरी पारी’ पर मुहर | A Historic Second Chapter for KGMU: Prof. Sonia Nityanand Entrusted with a Second Term | “प्रो. सोनिया नित्यानंद की पुनर्नियुक्ति पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी शुभकामनाएं, बोले—केजीएमयू के गौरव को मिलेगी नई ऊंचाई” | ‘ऑर्गेनिक’ चीनी के नाम पर बड़ा खेल? पैकेट पर दावे, उत्पाद की शुद्धता पर गंभीर सवाल | सैनिकों के नाम एक हजार यूनिट ‘रक्त’, राष्ट्रसेवा का अनूठा संकल्प | तिरंगा यात्रा में युवाओं की विशाल भागीदारी देश की एकता-अखंडता का प्रतीक: नीरज सिंह | तिरंगे की शान में लखनऊ ने भरी हुंकार, 30 हजार युवाओं ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ निकाली ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा | CBI की चार्जशीट, एक साल की बोली-बंदी और फिर ₹3,483 करोड़ के ठेके—आखिर किस कसौटी पर बार-बार मिलती रही हरी झंडी? | केजीएमयू के 121 साल के इतिहास में पहली बार—प्रो. सोनिया नित्यानंद की ‘दूसरी पारी’ पर मुहर | A Historic Second Chapter for KGMU: Prof. Sonia Nityanand Entrusted with a Second Term | “प्रो. सोनिया नित्यानंद की पुनर्नियुक्ति पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी शुभकामनाएं, बोले—केजीएमयू के गौरव को मिलेगी नई ऊंचाई” | ‘ऑर्गेनिक’ चीनी के नाम पर बड़ा खेल? पैकेट पर दावे, उत्पाद की शुद्धता पर गंभीर सवाल | सैनिकों के नाम एक हजार यूनिट ‘रक्त’, राष्ट्रसेवा का अनूठा संकल्प | तिरंगा यात्रा में युवाओं की विशाल भागीदारी देश की एकता-अखंडता का प्रतीक: नीरज सिंह | तिरंगे की शान में लखनऊ ने भरी हुंकार, 30 हजार युवाओं ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ निकाली ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा |
हाइलाइट न्यूज़
जिस तरह से किसानों के भेष में छुपे हुए उपद्रवियों ने घटनास्थल पर लोगों को पीटा है, अगर आप लोगों ने वीडियो देखा होगा तो आपको यह भी विश्वास होगा कि मेरा बेटा भी अगर वहां होता तो उसकी भी हत्या अब तक हो चुकी होती-केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा <strong>योगी सरकार के प्रयास से प्रदेश में तेज गति से हो रहा गंगा और उसकी सहायक नदियों का कायाकल्प</strong> प्रमुख सचिव,पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में कोविड-19 रोकथाम के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई “स्मार्ट मीटरों की सच्चाई पर फिर उठे सवाल: उपभोक्ता परिषद ने आयोग में दायर किया जनमहत्व प्रस्ताव, CPRI जांच की मांग से ऊर्जा विभाग में मचा हलचल” तीन दिन में करोड़ों का टेंडर! मध्यांचल विद्युत निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल समग्र एवं सर्वोत्तम स्वास्थ्य का विज्ञान आधारभूत मील का पत्थर बजट: 360° प्रत्यक्ष वृद्धि को सुरक्षित करते हुए 140 करोड़ नागरिक लाभान्वित जिला अस्पताल में कन्या जन्मोत्सव मना कर माताओं को किया गया सम्मानित जिस तरह से किसानों के भेष में छुपे हुए उपद्रवियों ने घटनास्थल पर लोगों को पीटा है, अगर आप लोगों ने वीडियो देखा होगा तो आपको यह भी विश्वास होगा कि मेरा बेटा भी अगर वहां होता तो उसकी भी हत्या अब तक हो चुकी होती-केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा <strong>योगी सरकार के प्रयास से प्रदेश में तेज गति से हो रहा गंगा और उसकी सहायक नदियों का कायाकल्प</strong> प्रमुख सचिव,पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में कोविड-19 रोकथाम के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई “स्मार्ट मीटरों की सच्चाई पर फिर उठे सवाल: उपभोक्ता परिषद ने आयोग में दायर किया जनमहत्व प्रस्ताव, CPRI जांच की मांग से ऊर्जा विभाग में मचा हलचल” तीन दिन में करोड़ों का टेंडर! मध्यांचल विद्युत निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल समग्र एवं सर्वोत्तम स्वास्थ्य का विज्ञान आधारभूत मील का पत्थर बजट: 360° प्रत्यक्ष वृद्धि को सुरक्षित करते हुए 140 करोड़ नागरिक लाभान्वित जिला अस्पताल में कन्या जन्मोत्सव मना कर माताओं को किया गया सम्मानित
लेख / शोध English

पुष्पदंत गंधर्व और शिवमहिम्न स्तोत्र : निर्माल्य-सम्मान की चेतना जगाने वाली विलक्षण कथा

D

Dainik India News

106 views
पुष्पदंत गंधर्व और शिवमहिम्न स्तोत्र : निर्माल्य-सम्मान की चेतना जगाने वाली विलक्षण कथा


हरेंद्र सिंह,दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।सनातन धर्मग्रंथों में भगवान शिव की अनिर्वचनीय महिमा का जो अनुपम स्तवन प्राप्त होता है, वह शिवमहिम्न स्तोत्र के रूप में परम पूज्य माना जाता है। इस स्तोत्र की उत्पत्ति से जुड़ी कथा अत्यंत रोचक, रहस्यपूर्ण तथा शिक्षाप्रद है। इस प्रसंग का उल्लेख प्राचीन धर्मग्रंथों—विशेषतः शिवपुराण और स्कन्दपुराण—में मिलता है। यह कथा केवल एक स्तुति की उत्पत्ति का वर्णन नहीं करती, बल्कि यह भी उद्घाटित करती है कि भगवान को अर्पित निर्माल्य—अर्थात् पूजन में चढ़ाए गए पुष्प, बिल्वपत्र और अन्य पवित्र सामग्री—का अनादर कितना गंभीर आध्यात्मिक दुष्परिणाम उत्पन्न कर सकता है।


प्राचीन काल में चित्ररथ नामक एक धर्मनिष्ठ और परम शिवभक्त राजा राज्य करते थे। वे भगवान शिव के प्रति ऐसी अगाध श्रद्धा रखते थे कि प्रतिदिन प्रातःकाल अपने राजप्रासाद के समीप स्थित एक रमणीय उपवन से पुष्प चुनकर स्वयं शिवपूजन करते थे। वह उपवन केवल पुष्पों का उद्यान नहीं था, बल्कि मानो सुगंध, सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का दिव्य लोक था। वहाँ खिले पुष्पों की सुरभि इतनी विलक्षण थी कि उसकी चर्चा धीरे-धीरे देवलोक तक पहुँच गई। परंतु किसी को भी यह अनुमान न था कि शीघ्र ही यह उपवन एक रहस्यमय घटना का केंद्र बनने वाला है।


स्वर्गलोक में पुष्पदंत नामक एक विख्यात गंधर्व निवास करते थे। वे दिव्य संगीत, काव्य और स्तुति में अनुपम माने जाते थे तथा अदृश्य होने की अद्भुत शक्ति से भी संपन्न थे। जब उन्हें चित्ररथ के उपवन के अलौकिक पुष्पों का समाचार मिला, तो उनके मन में भी उन पुष्पों को भगवान शिव को अर्पित करने की तीव्र आकांक्षा जाग्रत हो उठी। परिणामस्वरूप वे रात्रि के गहन निस्तब्ध क्षणों में अदृश्य रूप धारण कर उस उपवन में आने लगे और वहाँ से पुष्प लेकर शिवपूजन करने लगे। कई दिनों तक यह रहस्य अदृश्य छाया की भाँति चलता रहा—पुष्प प्रतिदिन लुप्त हो जाते, परंतु कोई भी यह न जान पाता कि यह अदृश्य आगंतुक कौन है।


जब राजा चित्ररथ ने यह विचित्र स्थिति देखी, तो वे गहन चिंतन में पड़ गए। उपवन के प्रहरी सतर्क थे, द्वार सुरक्षित थे, फिर भी पुष्प अदृश्य हो जाते थे। अंततः उन्होंने एक सूक्ष्म और आध्यात्मिक उपाय किया। उन्होंने भगवान शिव के पूजन में अर्पित पवित्र बिल्वपत्र और निर्माल्य को उपवन के मार्गों पर बिखेरवा दिया। धर्मशास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि भगवान को अर्पित निर्माल्य अत्यंत पवित्र होता है और उसका अनादर गंभीर आध्यात्मिक अपराध माना जाता है।


अगली रात्रि जब पुष्पदंत पूर्ववत अदृश्य रूप में उपवन में प्रविष्ट हुए, तो उन्हें इस व्यवस्था का तनिक भी भान न हुआ। पुष्प चुनने की उत्सुकता में उनके चरण अनजाने में उन पवित्र बिल्वपत्रों और निर्माल्य पर पड़ गए। उसी क्षण एक अद्भुत और चमत्कारिक घटना घटी—उनकी अदृश्य रहने की समस्त दिव्य शक्ति नष्ट हो गई। क्षणभर में ही उनका अलौकिक प्रभाव लुप्त हो गया और वे सबके सम्मुख दृश्य हो उठे। उनके संचित पुण्य, तपबल और दिव्य विद्याएँ मानो क्षणभर में क्षीण हो गईं।
यह प्रसंग सनातन धर्म की एक अत्यंत गंभीर चेतावनी को उद्घाटित करता है—भगवान को अर्पित पुष्प, पत्र, बिल्वदल अथवा मंदिर से प्राप्त निर्माल्य का अनादर करना मनुष्य के संचित पुण्यों को क्षीण कर सकता है। चाहे वह अपराध जानबूझकर किया गया हो अथवा अज्ञानवश, उसका आध्यात्मिक दुष्परिणाम अवश्य होता है। यही कारण है कि मंदिर प्रांगण में अत्यंत सावधानी, विनम्रता और श्रद्धा का पालन करना अनिवार्य माना गया है। भगवान को अर्पित किसी भी वस्तु को अपवित्र करना अथवा उस पर चरण रख देना आध्यात्मिक तेज के ह्रास का कारण बन सकता है।


जब पुष्पदंत को अपने इस अनजाने अपराध का बोध हुआ, तो उनका हृदय गहन पश्चाताप से भर उठा। वे अत्यंत लज्जित और व्यथित हो गए। तब उन्होंने भगवान शिव से क्षमा प्राप्त करने के लिए अपनी समस्त वाणी-शक्ति, काव्य-प्रतिभा और भक्ति को एकत्र कर भगवान शिव की अनंत महिमा का स्तवन किया। उनके हृदय से निकले वे दिव्य, विनम्र और भावपूर्ण श्लोक आगे चलकर शिवमहिम्न स्तोत्र के रूप में विख्यात हुए।


कथा के अंतिम चरण में भगवान शिव पुष्पदंत की निष्कपट भक्ति और सच्चे पश्चाताप से प्रसन्न हुए। उन्होंने उन्हें क्षमा प्रदान की और उनकी दिव्य शक्तियाँ पुनः लौटा दीं। इस प्रकार यह कथा केवल एक स्तोत्र की उत्पत्ति का इतिहास नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, सावधानी और विनम्रता का शाश्वत संदेश भी देती है—कि ईश्वर को अर्पित किसी भी वस्तु का सम्मान करना धर्म का अनिवार्य अंग है, क्योंकि निर्माल्य का अनादर केवल आचरण की भूल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक क्षय का कारण भी बन सकता है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

R
RAVI KHAVSE 4 months ago

मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए। कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए। नाम - रवि खवसे शहर - मुलताई जिला - बैतूल राज्य - मध्यप्रदेश