किसानों के सहयोग, डबल इंजन सरकार की नीति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से यूपी को मिलेगी नई रफ्तार

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ/मेरठ/प्रयागराज।
कोविड-19 महामारी जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना को गति देना सरकार के दूरदर्शी विजन और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक रहा। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारा गया। यही वह संकल्प है, जिसने आज “नए भारत” के साथ “नए उत्तर प्रदेश” की तस्वीर को साकार रूप दिया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्पष्ट नीति और पारदर्शी नीयत के साथ इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। यह एक्सप्रेस-वे न केवल आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक उन्नति को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज एक्सप्रेस-वे केवल सड़क नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा बन चुके हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को मजबूती देगा, किसानों की आय बढ़ाएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। यह परियोजना आस्था, संस्कृति और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम बनकर उभर रही है, जो उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जनपदों को जोड़ता है। इसके निर्माण के लिए लगभग 18 हजार एकड़ भूमि किसानों से ली गई, जबकि औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के विकास के लिए करीब 7 हजार एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की गई। इन निवेशों के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाएं तैयार हो रही हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना में योगदान देने वाले एक लाख से अधिक किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार हो पाया है। यह एक्सप्रेस-वे किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अव्यवस्था, जातिवाद और माफिया राज के कारण विकास की कल्पना भी कठिन थी। लेकिन पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज उत्तर प्रदेश में 4 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का सशक्त नेटवर्क तैयार हो चुका है, जो गांवों से लेकर शहरों तक कनेक्टिविटी को मजबूत बना रहा है।
प्रदेश में जहां एक ओर फोर-लेन और टू-लेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मेट्रो, रैपिड रेल और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी तेजी से विकसित हो रही हैं। हाल ही में दिल्ली से मेरठ तक देश की पहली रैपिड रेल सेवा का शुभारंभ भी इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिसने दूरी को समय में बदलने का कार्य किया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।