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सपा प्रमुख के बयान पर सियासत गर्म, भाजपा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान, जिसमें औरंगजेब का महिमामंडन करने का आरोप लगा, उस पर राजनीतिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बयान को तुष्टिकरण की राजनीति करार देते हुए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) संतोष सिंह ने सपा प्रमुख को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस प्रकार की राजनीति जनता को स्वीकार नहीं है और यदि सपा इसी राह पर चलती रही तो उसे सदन में बैठने लायक भी नहीं छोड़ा जाएगा।
एमएलसी संतोष सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सपा और अखिलेश यादव को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए लिखा, “ध्यान रखना अखिलेश यादव जी, आपने जो औरंगजेब को महिमामंडित करने की जंग छेड़ रखी है, हिंदू समाज इस बार एकजुट होकर सपा की जड़ें हिला कर रख देगा। सपा के नेताओं को सदन में खड़े होने की भी हैसियत नहीं बचेगी।”
“सनातन पहले भी था, अभी भी है और आगे भी रहेगा”
संतोष सिंह ने अपने बयान में सनातन धर्म की अनादि और अखंड परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “सनातन पहले भी था, सनातन अभी भी है और सनातन आगे भी रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि जो भी सनातन के विरोध में खड़ा होगा, उसे जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
भाजपा नेता के इस बयान को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए इस प्रकार के बयान माहौल को और गर्माने का काम कर सकते हैं।
तुष्टिकरण की राजनीति पर भाजपा का आक्रामक रुख
भाजपा ने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “जो लोग इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और सनातन पर सवाल उठा रहे हैं, जनता उन्हें जवाब देने के लिए तैयार है।” भाजपा नेताओं का मानना है कि औरंगजेब के महिमामंडन का कोई औचित्य नहीं है और इस तरह के बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है।
इस पूरे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि भाजपा इस मुद्दे को आगामी चुनावों में प्रमुख रूप से उठाएगी। वहीं, संतोष सिंह के इस बयान ने हिंदू समाज के एक वर्ग में खासा समर्थन जुटा लिया है, जिससे सपा के लिए यह मामला और पेचीदा हो सकता है।