
वित्तीय सुरक्षा एवं डिजिटल सतर्कता पर विशेषज्ञों का मंथन

बैंक धोखाधड़ी से संरक्षण हेतु नागरिकों को किया गया सचेत

दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। जिला सहकारी बैंक, विकास नगर शाखा में शाखा प्रबंधक विश्व भूषण तिवारी की अध्यक्षता में ‘केवाईसी जागरूकता कार्यक्रम’ का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। यह आयोजन मात्र औपचारिक संगोष्ठी न होकर वित्तीय पारदर्शिता, उपभोक्ता-सुरक्षा और डिजिटल अनुशासन के प्रति जनचेतना जागृत करने का एक सार्थक उपक्रम सिद्ध हुआ। बैंक परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने विषय की प्रासंगिकता को प्रमाणित किया।
मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में लोहिया नगर वार्ड के पार्षद राकेश कुमार मिश्र उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में वित्तीय लेन-देन की तीव्रता के साथ-साथ साइबर अपराधों की जटिलता भी बढ़ी है, अतः प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह ‘अपने ग्राहक को जानो’ (Know Your Customer) की प्रक्रिया को गंभीरता से समझे और उसका समय-समय पर अद्यतन अनुपालन सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केवाईसी केवल औपचारिकता नहीं, अपितु वित्तीय सुरक्षा का प्रथम कवच है।
सहायक शाखा प्रबंधक शरद मिश्र, के.सी. साह, ब्रजेश तिवारी, हनुमत सिंह तथा मंडल उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा ने क्रमशः केवाईसी प्रक्रिया की व्यावहारिक आवश्यकताओं, दस्तावेजों की अनिवार्यता एवं बैंकिंग गोपनीयता के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, अद्यतन पता-प्रमाण, मोबाइल नंबर तथा ईमेल की सत्यता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। खाते की दीर्घ निष्क्रियता, संदिग्ध लेन-देन अथवा अपूर्ण विवरण के कारण खाता प्रतिबंधित भी किया जा सकता है, अतः समय-समय पर बैंक में जाकर विवरण अद्यतन कराना अनिवार्य है।
कार्यक्रम में विशेष रूप से बैंक फ्रॉड, फिशिंग कॉल, ओटीपी साझा करने की भूल, फर्जी लिंक पर क्लिक करने के जोखिम, एटीएम कार्ड स्किमिंग तथा सोशल मीडिया ठगी जैसे समसामयिक साइबर अपराधों पर विस्तार से चर्चा की गई। नागरिकों को सचेत किया गया कि बैंक कभी भी फोन अथवा संदेश के माध्यम से ओटीपी, सीवीवी, पिन या पासवर्ड की मांग नहीं करता। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की स्थिति में तत्काल शाखा से संपर्क करने तथा साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने का आग्रह किया गया।
उपस्थित वक्ताओं ने यह भी अवगत कराया कि केवाईसी प्रक्रिया के अंतर्गत नाम, पता, जन्मतिथि, हस्ताक्षर, व्यवसायिक विवरण एवं नामांकन (Nomination) की पुष्टि आवश्यक है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के उत्तराधिकार अथवा लेन-देन संबंधी विवाद की संभावना न्यूनतम हो सके। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीण ग्राहकों तथा डिजिटल माध्यमों से अनभिज्ञ उपभोक्ताओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
इस अवसर पर प्रकाश सिंह, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. सुशील त्रिवेदी, एस.पी. द्विवेदी, पतंजलि अवस्थी, आर.एन. पांडेय, अमोद तिवारी, अनूप शुक्ला, सर्वेश बाजपेयी, रीना गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को जन-सरोकारों से अभिसिंचित एक प्रभावी संवाद-परिषद का स्वरूप प्रदान किया।
समापन अवसर पर शाखा प्रबंधक विश्व भूषण तिवारी ने आह्वान किया कि प्रत्येक खाताधारक अपने वित्तीय दायित्वों के प्रति सजग रहे, समयानुसार केवाईसी अद्यतन कराए और किसी भी प्रकार के प्रलोभन अथवा संदिग्ध सूचना से सावधान रहे। यह जागरूकता अभियान इस तथ्य का सशक्त प्रतिपादन करता है कि वित्तीय सुदृढ़ता केवल बैंकिंग तंत्र की जिम्मेदारी नहीं, अपितु नागरिक-सहभागिता और सजगता का भी अनिवार्य परिणाम है।
