

अधर्म पर धर्म की विजय का सनातन संदेश

दैनिक इंडिया न्यूज़ , लखनऊ। राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने होली की पूर्वसंध्या पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि धर्म की अधर्म पर, सत्य की असत्य पर और नीति की अनीति पर शाश्वत विजय का दैदीप्यमान प्रतीक है।

उन्होंने पौराणिक प्रसंग का स्मरण कराते हुए कहा कि असुरराज हिरण्यकशिपु के दमन, दुराग्रह और ईश्वर-विरोधी अहंकार के मध्य भी भक्त प्रह्लाद की अचल आस्था और अविचल भक्ति ने यह सिद्ध कर दिया कि श्रद्धा की शक्ति को कोई भी अत्याचारी परास्त नहीं कर सकता। प्रह्लाद पर किए गए असंख्य अत्याचार अंततः धर्म की विजय के मार्ग को ही प्रशस्त करने वाले सिद्ध हुए।

श्री सिंह ने कहा कि जब अन्याय अपनी चरम सीमा पर पहुँचा, तब भगवान ने नरसिंह अवतार के रूप में प्रकट होकर हिरण्यकशिपु का संहार किया और धर्म की पुनर्स्थापना की। यह प्रसंग समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है कि दैवी न्याय विलंबित हो सकता है, किंतु पराजित नहीं होता।

उन्होंने आगे कहा कि होली हमें अंतर्मन में विद्यमान अहंकार, द्वेष और कुत्सित प्रवृत्तियों का परित्याग कर प्रेम, समरसता और सद्भाव के रंगों से जीवन को आलोकित करने की प्रेरणा देती है। यह पर्व सांस्कृतिक एकात्मता और सामाजिक समन्वय का जीवंत उत्स है।
अंत में जितेंद्र प्रताप सिंह ने कामना की कि यह होली प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, सद्बुद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष का अभिनव संचार करे तथा राष्ट्र धर्म, नैतिकता और सांस्कृतिक गौरव के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे।
