

दैनिक इंडिया न्यूज़, मऊ।जनपद मऊ में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में एक अत्यंत सशक्त, प्रेरणास्पद एवं दूरगामी प्रभाव वाली पहल देखने को मिली, जहाँ कानून-व्यवस्था के संवाहकों को तंबाकू के घातक दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, अनुशासित एवं जागरूक समाज निर्माण का स्पष्ट संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य-जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि पुलिस बल के भीतर आत्मसंयम और सामाजिक उत्तरदायित्व की चेतना को भी सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
18 जनवरी 2026, रविवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस लाइन परिसर, मऊ में एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने लगभग 500 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन में पुलिस की भूमिका को रेखांकित किया।
अपने तथ्यपरक एवं प्रभावशाली संबोधन में डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने तंबाकू सेवन से उत्पन्न होने वाले गंभीर शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तंबाकू कैंसर, हृदय रोग, श्वसन विकार एवं अनेक असाध्य बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी केवल कानून के संरक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के लिए आदर्श भी होते हैं, इसलिए उनका तंबाकू से दूर रहना जनमानस में सकारात्मक चेतना का संचार करता है। उन्होंने प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे स्वयं तंबाकू से दूरी बनाकर आमजन को भी इसके विरुद्ध जागरूक करें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित समस्त प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने तंबाकू सेवन न करने तथा समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली। यह क्षण पुलिस बल को तंबाकू-मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक, अनुकरणीय एवं संकल्पपूर्ण पहल के रूप में उभरा।
इस जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी दिनेश दत्त मिश्रा, आर.आई. अरुण कुमार सिंह, एस.आई. इंद्रजीत पटेल, यूपी वीएच लखनऊ से दिलीप कुमार पांडेय, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ मऊ से काउंसलर वीरेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत दुबे एवं कंप्यूटर ऑपरेटर सतीश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे तंबाकू-मुक्त पुलिस बल एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया। यह आयोजन निस्संदेह जनपद मऊ को तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में एक नई पहचान प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।
