
लखनऊ उत्तर विधानसभा कार्यालय में बजट चौपाल

जनसंवाद के माध्यम से आर्थिक दृष्टि का विस्तृत प्रतिपादन
दैनिक इंडिया न्यूज़ 13 Fab 2026 लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार के नवप्रस्तुत बजट के परिप्रेक्ष्य में व्यापक जनसंवाद स्थापित करने हेतु लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पुरनिया स्थित विधायक कार्यालय में एक सुसंगठित एवं विचारोत्तेजक “बजट चौपाल” का आयोजन किया गया। यह आयोजन मात्र औपचारिक विमर्श न होकर जनमानस के मध्य आर्थिक दृष्टि, विकास-दर्शन और शासन-प्रतिबद्धता का प्रामाणिक प्रस्तुतीकरण सिद्ध हुआ। उपस्थित नागरिकों में बजट की सूक्ष्मताओं को समझने की जिज्ञासा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी।
चौपाल में वक्ताओं ने केंद्रीय तथा प्रदेश सरकार के बजट के प्रमुख प्रावधानों, नवप्रवर्तित योजनाओं एवं बहुस्तरीय जनकल्याणकारी घोषणाओं का क्रमबद्ध एवं तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत किया। आर्थिक सुदृढ़ीकरण, अवसंरचना-विस्तार, सामाजिक सुरक्षा, कृषि-सशक्तिकरण तथा उद्यमिता-विकास जैसे आयामों पर विशेष प्रकाश डाला गया। प्रत्येक बिंदु को इस प्रकार प्रतिपादित किया गया कि श्रोता न केवल जानकारी ग्रहण करें, अपितु उसके दूरगामी प्रभावों को भी आत्मसात कर सकें।
विधायक डॉ. नीरज बोरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह बजट जनकल्याण की दृढ़ आधारशिला है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र उत्थान का समावेशी दृष्टिकोण परिलक्षित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का व्यापक आकार राष्ट्र की सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था का द्योतक है और यह भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक निर्णायक एवं प्रभावकारी कदम सिद्ध होगा। उनके वक्तव्य में आत्मविश्वास, नीतिगत स्पष्टता और विकास के प्रति अटूट आस्था का संगम दृष्टिगोचर हुआ।
चौपाल के संवादात्मक सत्र में किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों एवं वरिष्ठ नागरिकों से संबद्ध विषयों पर विशेष विमर्श हुआ। उपस्थित नागरिकों ने अपने प्रश्न एवं जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका तर्कसंगत एवं संतुलित समाधान प्रदान किया गया। इस परस्पर संवाद ने कार्यक्रम को जीवंतता प्रदान की और शासन-नीतियों के प्रति विश्वास को सुदृढ़ किया।
मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने जानकारी दी कि कार्यक्रम संयोजक विवेक सिंह तोमर ने भी बजट की विशेषताओं का विस्तारपूर्वक उल्लेख करते हुए उसे विकासोन्मुखी एवं दूरदर्शी दस्तावेज बताया। जनसंवाद चौपाल में घनश्याम अग्रवाल, टिंकू सोनकर, सौरभ वाल्मीकि, चन्द्रशेखर गुप्ता, रमन निगम, अनुराग मिश्रा, सी.बी. सिंह, पृथ्वी गुप्ता, राघवराम तिवारी, स्वदेश सिंह, अवधेश त्रिपाठी, मान सिंह यादव, सुदर्शन कटियार, सौरभ तिवारी, राजकुमार मौर्य, मुसव्विर अली मंशू, राकेश पाण्डेय, अनूप सिंह, सतीश वर्मा, कृपाशंकर मिश्र सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
यह बजट चौपाल केवल संख्याओं और प्रावधानों की चर्चा तक सीमित नहीं रही; यह राष्ट्र की आर्थिक दिशा, विकास की गति और सामाजिक समावेशन के संकल्प का सजीव दस्तावेज बन गई—जहाँ नीति और नागरिक के मध्य संवाद की सशक्त परंपरा पुनः पुष्ट होती दिखाई दी।
