
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।बालक राम विराजमान दिवस के पावन एवं ऐतिहासिक शुभावसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह (क्षेत्रीय सम्पर्क प्रमुख, पूर्व उत्तर प्रदेश, संस्कृतभारती) ने अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन का आत्मीय अभिनंदन करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ एवं साधुवाद अर्पित किए। यह अवसर केवल औपचारिक अभिनंदन तक सीमित न रहकर, सनातन चेतना, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रबोध के उत्कर्ष का सजीव प्रतीक बनकर उपस्थित हुआ।
इस गरिमामयी अवसर पर धर्मजागरण के प्रचारक सुरेंद्र तथा संस्कृतभारती, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रमोद पंडित की सशक्त एवं प्रेरक सहभागिता ने आयोजन को और अधिक उल्लासपूर्ण, ऊर्जस्वित तथा विचारोत्तेजक बना दिया। उपस्थित जनसमूह में सनातन मूल्यों के प्रति आस्था, प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव की अनुभूति स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
अपने उद्बोधन में जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बालक राम विराजमान से जुड़े इन ऐतिहासिक क्षणों को भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान का महत्त्वपूर्ण सोपान बताया। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दीर्घकालिक, त्यागपूर्ण और सतत प्रयासों को अतुलनीय एवं राष्ट्रहित में ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन्हीं संगठनों की अविचल साधना और दृढ़ संकल्प के फलस्वरूप आज सनातन, संस्कृत और वेदांत के पुनर्जागरण का स्वर्णिम काल साकार हो रहा है।
उन्होंने संस्कृत, सनातन परंपरा एवं वैदिक दर्शन के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित सभी कार्यकर्ताओं के प्रति भूरि-भूरि प्रशंसा व्यक्त करते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए संकल्पित होकर सतत कार्य करने का आह्वान किया। अंत में उन्होंने कहा कि बालक राम विराजमान दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक अस्मिता और सनातन चेतना के अमर प्रवाह का उद्घोष है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रधर्म के पथ पर अग्रसर करता रहेगा।
