
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणास्पद रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें संस्करण ने आज लखनऊ महानगर में राष्ट्रचेतना, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व की नई ऊर्जा का संचार किया। महानगर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम को सुना और प्रधानमंत्री के विचारों को आत्मसात करते हुए उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कैंट विधानसभा के बूथ संख्या–311 पर कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात को ध्यानपूर्वक सुना। वहीं प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह एवं महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने मध्य विधानसभा के मंडल–1 स्थित बूथ संख्या–253 पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रनिर्माण में बूथ की भूमिका को रेखांकित किया। प्रदेश मुख्यालय पर प्रदेश महामंत्री संजय राय एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नीरज सिंह की उपस्थिति में कार्यक्रम का श्रवण हुआ, जहां संगठनात्मक दृढ़ता और वैचारिक प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश देखने को मिला।

इसी क्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर एवं विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा ने मध्य विधानसभा के बूथ संख्या–363 पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के उद्बोधन को सुना। पूर्वी मंडल–2 के विकास नगर स्थित पीतांबरा गेस्ट हाउस में विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ, जबकि चिनहट प्रथम वार्ड में सुषमा खर्कवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात सुनते हुए लोकतंत्र को सशक्त बनाने का आह्वान किया। प्रत्येक स्थल पर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह और वैचारिक जागरूकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

मन की बात कार्यक्रम के उपरांत यह आयोजन केवल श्रवण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसे प्रत्यक्ष जनसेवा से जोड़ते हुए मतदाता पुनरीक्षण अभियान को गति दी गई। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बाबू बनारसी दास वार्ड में स्वयं उपस्थित रहकर पात्र नागरिकों से संवाद किया और मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फार्म भरवाए। इसके साथ ही महानगर के विभिन्न बूथों पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने घर-घर संपर्क कर नागरिकों को मताधिकार के महत्व से अवगत कराया।
यह संपूर्ण अभियान इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि जब विचार और कार्य एक साथ चलते हैं, तब लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर लेता है। मन की बात के माध्यम से राष्ट्रहित की चेतना और मतदाता पुनरीक्षण के जरिए लोकतांत्रिक सहभागिता—इन दोनों का समन्वय लखनऊ महानगर में एक जीवंत, जागरूक और उत्तरदायी लोकतंत्र की तस्वीर प्रस्तुत करता है।
