लखनऊ में बजट चौपाल : विकसित भारत के संकल्प का घोष


दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट परिसर में आयोजित बजट चौपाल में उस समय वैचारिक ऊष्मा का संचार हो उठा, जब मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर मध्य विधानसभा द्वारा आयोजित इस संवाद-सत्र में बजट की व्यापकता, दूरदर्शिता और जनहितकारी स्वरूप पर गहन विमर्श हुआ। वातावरण केवल राजनीतिक नहीं, अपितु वैचारिक चेतना से अनुप्राणित प्रतीत हो रहा था—और यहीं से यह प्रश्न उभरता है कि इस बजट की विशिष्टता क्या है, जिसने इसे सामान्य वार्षिक विवरण से परे एक राष्ट्रीय संकल्प का रूप प्रदान किया है।


डॉ दिनेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में बजट को “विकसित भारत” के महाअभियान का सशक्त घोष-पत्र बताते हुए कहा कि यह राष्ट्र के समग्र उत्थान की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल राजकोषीय प्रावधानों का संकलन नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, महिलाओं के सशक्तिकरण, सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा तथा व्यापार-उद्योग की उन्नति का समन्वित दस्तावेज है। उनके शब्दों में यह बजट राष्ट्र-निर्माण की दीर्घकालिक दृष्टि से प्रेरित है—और यहीं श्रोता अगली परत जानने को उत्सुक हो उठते हैं।


उन्होंने उद्योग और वाणिज्य के क्षेत्र में प्रस्तावित पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि औद्योगिक कॉरिडोरों का विकास, उद्यमियों को वित्तीय प्रोत्साहन तथा व्यापार सुगमता के उपाय भारत को एक सुदृढ़ विनिर्माण केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करेंगे। कैंसर-निरोधी औषधियों को सुलभ बनाना, विद्युत चालित वाहनों, सौर ऊर्जा तथा हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देना—ये सभी कदम न केवल आर्थिक प्रगति के प्रतीक हैं, बल्कि जनसामान्य के जीवन-स्तर को उन्नत करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त करते हैं। उन्होंने संकेत किया कि सड़क, रेलवे और राजमार्ग अवसंरचना के विस्तार से रोजगार के असंख्य अवसर सृजित होंगे—और यहीं यह बजट जनसामान्य के सपनों से प्रत्यक्षतः जुड़ता दिखाई देता है।


डॉ शर्मा ने आगे कहा कि यह बजट उपभोग-प्रधान अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर सेवा क्षेत्र को सुदृढ़ करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को अग्रणी बनाने की स्पष्ट रणनीति प्रस्तुत करता है। उन्होंने इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता दीर्घकालिक दृष्टिकोण को बताया, जिसमें भौतिक, डिजिटल और मानवीय पूंजी के सुदृढ़ निर्माण पर विशेष बल दिया गया है। निवेश-सक्षम वातावरण, उत्पादकता-वृद्धि तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा की आगामी लहर के अनुरूप क्षेत्रों को प्रोत्साहन—ये सभी तत्व इस बजट को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध करते हैं।


कार्यक्रम में मध्य विधानसभा उपविजेता रजनीश गुप्ता, अभियान संयोजक घनश्याम दास अग्रवाल, रमेश तूफानी, सुधीर हलवासिया, सुधाकर त्रिपाठी सहित अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि विनायक पाण्डेय, सुरेश छबलानी, प्रियंक गुप्ता, विपिन सोनकर, किशन कुमार लोधी, गिरीश गुप्ता, रामकृष्ण यादव, मनोज रस्तोगी, एस.पी. कंछल, धर्मेंद्र मिश्रा, अनिल कश्यप, अनुराग साहू सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और कार्यकर्ता भी सम्मिलित हुए।


यह बजट चौपाल केवल आंकड़ों की व्याख्या नहीं थी; यह राष्ट्र के भावी पथ की दिशा पर सामूहिक चिंतन का मंच था। जब नीति और जनभागीदारी का ऐसा संगम होता है, तब बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं रह जाता—वह राष्ट्र के सामूहिक स्वप्न का घोष बन जाता है।

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