विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के विशेष अभियान दिवस पर जिलाधिकारी का व्यापक निरीक्षण


“कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे”—जिलाधिकारी


दैनिक इंडिया न्यूज़, मऊ।लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला—मतदाता सूची की शुचिता और सर्वसमावेशिता—को सुदृढ़ करने हेतु विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत जनपद के समस्त मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान दिवस का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक तंत्र पूर्ण सक्रियता के साथ धरातल पर उपस्थित रहा। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र सहित निर्वाचन प्रक्रिया से संबद्ध समस्त अधिकारियों ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के बूथों का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया।
इसी अनुक्रम में जिलाधिकारी ने विधानसभा क्षेत्र मधुबन के अंतर्गत अनेक मतदान केंद्रों का स्थलीय अवलोकन किया। तरुण इंटर कॉलेज, कुंडाकुचाई के बूथ संख्या 353 एवं 354, प्राथमिक विद्यालय कटघरा शंकर के बूथ संख्या 343, 344, 345, 346 तथा प्राथमिक विद्यालय मटूरी मरियम के बूथ संख्या 451 पर पहुँचकर उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष परीक्षण किया। निरीक्षण मात्र औपचारिक न होकर संवादपरक एवं मार्गदर्शक रहा, जिसमें उन्होंने बूथ स्तरीय अधिकारियों से प्रपत्र 6, 7 एवं 8 की प्रगति संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि संबंधित बूथ क्षेत्र का कोई भी अर्ह नागरिक मतदाता सूची में नाम अंकित कराने से वंचित न रह जाए। उन्होंने बल देते हुए कहा कि पात्रता प्राप्त प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित होना लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। यदि किसी कारणवश कोई पात्र व्यक्ति छूट गया है, तो उसे यथाशीघ्र प्रपत्र भरवाकर सूची में सम्मिलित कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिन नागरिकों की आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे अपने मताधिकार का प्रयोग सुनिश्चित करने हेतु अनिवार्य रूप से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाएँ। उन्होंने विशेष रूप से नवयुवकों एवं छूटी हुई पात्र महिला मतदाताओं के नामांकन पर केंद्रित प्रयास करने का निर्देश दिया, ताकि लोकतांत्रिक सहभागिता का दायरा व्यापक हो सके।
जिलाधिकारी ने बूथ स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची पूर्णतः त्रुटिरहित, शुद्ध एवं अद्यतन तैयार की जाए। इस संदर्भ में उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन की आधारशिला है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन की यह सक्रियता न केवल निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता का संकेत है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि जनपद में लोकतांत्रिक मूल्यों की सुदृढ़ स्थापना हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
विशेष अभियान दिवस का यह निरीक्षण एक स्पष्ट संदेश देकर गया—लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में सम्मानपूर्वक अंकित होगा और अपने मताधिकार का प्रयोग करेगा। जनपद मऊ में इस दिशा में उठाया गया यह कदम निश्चित ही लोकतांत्रिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

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