
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के सच्चे हितैषी चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जाट सभा, लखनऊ द्वारा एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजनों, अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों एवं युवाओं ने सहभागिता करते हुए चौधरी चरण सिंह के विचारों को आत्मसात करने तथा उन्हें जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे ग्रामीण भारत, किसानों एवं कमजोर वर्गों की आस्था और विश्वास का प्रतीक थे। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में किसान, मजदूर तथा ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सतत संघर्ष किया और सत्ता की राजनीति के स्थान पर सेवा की राजनीति को प्राथमिकता दी।
इस अवसर पर भारतीय जाट सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी रामराज सिंह, अधिवक्ता उच्च न्यायालय ने अपने संबोधन में कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी अपने समय में थीं। किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान आज भी उन्हीं के सिद्धांतों और विचारधारा में निहित है, जिसे समझने और लागू करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी राजेंद्र सिंह, जन सूचना आयुक्त ने चौधरी चरण सिंह के प्रशासनिक कौशल, निष्पक्ष निर्णय क्षमता एवं ईमानदार राजनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने सत्ता को साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने का माध्यम माना।
भारतीय जाट सभा लखनऊ के सचिव धर्मेंद्र कुमार एवं कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारतीय जाट सभा समाज को संगठित कर चौधरी चरण सिंह के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में वैचारिक अभियानों को गति दी जाएगी।
कार्यक्रम में यशवीर सिंह (राज्य मंत्री), रामकुमार तेवतिया, रविकांत सिंह, सुनील कुमार चौधरी, डॉ. सुधीर मलिक, निशांत कुमार तथा मीडिया प्रभारी चौधरी मुकेश सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर चौधरी चरण सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
