
दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। पश्चिम विधानसभा संवाद कार्यक्रम की औपचारिकताओं से निकलते हुए जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह विक्रमादित्य मार्ग स्थित राज्यसभा सांसद संजय सेठ के आवास पहुँचे, तो वातावरण में राजनीतिक गंभीरता से अधिक मानवीय करुणा का भाव मुखरित था। घर के भीतर पसरे सन्नाटे ने जैसे स्वयं उनके आगमन में एक सांत्वना की संभावना महसूस की।

स्वर्गीय कुसुम सेठ के चित्र के सामने खड़े होकर जब उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की, तब क्षण भर को पूरा परिवेश श्रद्धा और संवेदना की निस्तब्धता में विलीन हो गया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की—यह प्रार्थना केवल राजनेता की नहीं, बल्कि एक ऐसे पुत्रवत् भावनाशील व्यक्ति की थी, जो शोक की अनुभूति को शब्दों से अधिक मौन में समझता है।

संजय सेठ के परिजनों—पिता लवकुश नारायण सेठ, धर्मपत्नी लीना सेठ, पुत्र कुणाल सेठ, बेटी रिया सेठ, बहू अवनी सेठ तथा बहन निशि सेठ—के मध्य बैठकर राजनाथ सिंह ने जिस आत्मीयता से दुख बाँटा, वह इस बात का साक्षी बना कि राजनीति भले ही राष्ट्र के परिचालन का औज़ार हो, पर उसके धड़कते हुए हृदय में मानवीय संवेदना ही उसकी सच्ची पहचान है।
इससे पूर्व रक्षामंत्री राजाजीपुरम स्थित भाजपा लखनऊ महानगर मंत्री उदय नारायण पांडे के आवास पर भी पहुँचे, जहाँ हाल ही में उनके पिताजी का देहावसान हुआ था। वहाँ भी वही मौन, वही करुणा, वही सांत्वना का स्पर्श। दुखों की तीव्रता चाहे जितनी भी हो, किसी संवेदनशील व्यक्ति का कंधा उसे कुछ क्षण के लिए हल्का अवश्य कर देता है—राजनाथ सिंह का आगमन वहाँ भी इसी मानवीय भूमिका में था।
इस पूरी यात्रा में उनके साथ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, एमएलसी मुकेश शर्मा, दिवाकर त्रिपाठी, महामंत्री त्रिलोक अधिकारी, डॉ. राघवेंद्र शुक्ला और मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग उपस्थित रहे।
