
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और गरिमामय जीवन के संकल्प को साकार करता हुआ एक अत्यंत सराहनीय चिकित्सकीय आयोजन दिनांक 15 जनवरी 2026 को समर्पण ओल्ड ऐज होम, आदिल नगर, लखनऊ परिसर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के विशिष्ट चिकित्सक दल द्वारा निःशुल्क जेरियाट्रिक हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया, जिसमें अंतःवासी वृद्धजनों की समग्र स्वास्थ्य-जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

इस मानवीय और सेवा-प्रधान शिविर में वरिष्ठ नागरिकों की ईसीजी सहित सम्पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। वृद्धावस्था से संबंधित श्वसन, हृदय एवं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की गहन समीक्षा करते हुए चिकित्सकों ने प्रत्येक अंतःवासी के स्वास्थ्य की सूक्ष्मता से पड़ताल की। यह शिविर न केवल उपचारात्मक था, बल्कि वृद्धजनों के प्रति समाज की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण भी बना।

चिकित्सक दल का नेतृत्व डॉ. सूर्य कान्त, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, केजीएमयू ने किया। उनके साथ डॉ. अंकित कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. अखिल शर्मा, प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी विभाग, डॉ. निशा मणि पांडेय, प्रोफेसर, जेरियाट्रिक मेंटल हेल्थ तथा डॉ. विद्या के. एल., असिस्टेंट प्रोफेसर, जेरियाट्रिक मेंटल हेल्थ की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त दर्जनों रेजिडेंट डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ पर्याप्त मात्रा में औषधियों के साथ शिविर में सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

समर्पण ओल्ड ऐज होम के प्रबंधन पक्ष से मेजर वी. के. खरे (प्रमुख संयोजक), डॉ. यू. सी. बाजपेयी (अपर प्रबंधक), पुनीत खरे, सजल प्रकाश तथा डॉ. सीमा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। परिसर प्रबंधन द्वारा इस पवित्र एवं लोककल्याणकारी सेवा हेतु चिकित्सक दल का विधिवत सम्मान किया गया, जो चिकित्सा और मानवता के समन्वय का भावपूर्ण प्रतीक बना।
इस अवसर पर समर्पण ट्रस्ट की ओर से रेस्पिरेटरी विभाग, केजीएमयू को रोगियों के हितार्थ एक ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर दान स्वरूप प्रदान किया गया। यह दान न केवल चिकित्सकीय सहयोग का परिचायक है, बल्कि संस्थागत उत्तरदायित्व और सामाजिक समर्पण की उच्च भावना को भी अभिव्यक्त करता है।
चिकित्सक दल, संस्थान प्रबंधन तथा अंतःवासी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा इस आयोजन की सार्थकता, उपयोगिता और दूरगामी प्रभाव की मुक्तकंठ से सराहना की गई। वृद्धजनों के चेहरों पर संतोष और विश्वास की झलक इस बात का प्रमाण थी कि ऐसे शिविर केवल रोग का उपचार नहीं करते, बल्कि जीवन में आश्वासन और आत्मीयता का संचार भी करते हैं।
निस्संदेह, यह जेरियाट्रिक हेल्थ कैम्प चिकित्सा सेवा को करुणा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व के उच्चतम शिखर पर प्रतिष्ठित करने वाला एक प्रेरक उदाहरण सिद्ध हुआ।
