
दैनिक इंडिया न्यूज़,21 Fab 2026 लखनऊ।प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता, इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ खंडपीठ) के सुविख्यात विधिवेत्ता अशोक वाजपेयी की सुपुत्री का विवाह-संस्कार राजधानी के सामाजिक एवं विधिक समुदाय के लिए एक गौरवपूर्ण पर्व में परिणत हुआ।

यह आयोजन मात्र पारिवारिक अनुष्ठान न रहकर मर्यादा, माधुर्य और सामाजिक समन्वय का अद्वितीय समागम सिद्ध हुआ। सुसज्जित प्रांगण में वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज, परंपरागत विधि-विधानों की पावन गरिमा तथा आमंत्रित अतिथियों की आत्मीय उपस्थिति ने वातावरण को उल्लास, श्रद्धा और सौहार्द्र से आप्लावित कर दिया।

प्रत्येक क्षण में पारिवारिक स्नेह की स्निग्धता और सामाजिक एकात्मता की दीप्त अभिव्यक्ति स्पष्ट परिलक्षित हो रही थी, जिससे समारोह असाधारण गरिमा से आलोकित हुआ।

इस मंगलावसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक सप्रेम पधारे तथा वधू को आशीर्वचन प्रदान करते हुए नवदंपति के दांपत्य जीवन की मंगलमयी, समृद्ध एवं सौहार्द्रपूर्ण यात्रा हेतु हार्दिक शुभाशंसाएँ व्यक्त कीं।

उनके स्नेहसिक्त उद्गारों ने समारोह की प्रतिष्ठा को और अधिक प्रखर बना दिया। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एस. सी. मिश्रा अपनी धर्मपत्नी सहित उपस्थित हुए और वधू को नवीन गृहस्थ जीवन के लिए मंगलकामनाएँ अर्पित कीं, जिससे आत्मीयता का वातावरण और भी सघन हो उठा।

इसी क्रम में अवध अधिवक्ता संघ, उच्च न्यायालय लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष आनंदमणि त्रिपाठी ने भी वर-वधू को दांपत्य जीवन की अखंड मंगलकामनाएँ प्रदान कीं। साथ ही पं. एस. चन्द्र, अध्यक्ष, अवध अधिवक्ता संघ तथा ललित किशोर तिवारी, महासचिव, अवध अधिवक्ता संघ, उच्च न्यायालय, लखनऊ ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को विशिष्ट आयाम प्रदान करते हुए नवयुगल को आशीर्वाद प्रदान किया।

विविध विधिक एवं सामाजिक क्षेत्रों से पधारे गणमान्य जनों की समवेत सहभागिता ने यह प्रतिपादित किया कि जब संस्कार, सम्मान और स्नेह एकत्रित होते हैं, तब उत्सव केवल संपन्न नहीं होता—वह चिरस्मरणीय बनकर समाज में सौहार्द्र के सूत्रों को दृढ़ करता है।

