जन्मोत्सव का गौरवपूर्ण आलोक : सांस्कृतिक पुनर्जागरण के पुरोधा का अभिनंदन

दैनिक इंडिया न्यूज़ 21 Fab 2026 लखनऊ।राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष तथा संस्कृत भारती के क्षेत्र संपर्क प्रमुख जितेंद्र प्रताप सिंह का जन्मदिवस उनके निजी आवास पर अत्यंत गरिमामय एवं उत्सवोपम वातावरण में संपन्न हुआ। यह अवसर केवल व्यक्तिगत आयु-वृद्धि का उत्सव नहीं, अपितु सांस्कृतिक पुनर्संवर्धन के एक युग-पुरुष के कर्तृत्व का सार्वजनिक अभिनंदन बन गया।

वर्षों से स्थगित पुष्प प्रदर्शनी, जो वैश्विक महामारी के कारण अवरुद्ध हो गई थी, उसके पुनर्प्रारंभ में उनके दूरदर्शी नेतृत्व और अटूट संकल्प की निर्णायक भूमिका रही। कोविडोत्तर विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने जन-उत्साह, संगठनात्मक सामर्थ्य और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता के अद्वितीय समन्वय से उस परंपरा को पुनर्जीवित किया, जो लखनऊ की सौंदर्य-संवेदना का अभिन्न अंग रही है।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर सुषमा खर्कवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और उन्होंने केक का औपचारिक कटान कर श्री सिंह को पुष्पगुच्छ अर्पित करते हुए हार्दिक शुभाशंसाएँ व्यक्त कीं। समवेत अतिथिगणों की स्नेहिल उपस्थिति ने समारोह को आत्मीयता और सम्मान के अप्रतिम आयाम प्रदान किए। यह जन्मोत्सव मानो इस तथ्य का उद्घोष था कि जब नेतृत्व समर्पण, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना से संपृक्त हो, तब व्यक्तिगत उपलब्धियाँ जन-आंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर लेती हैं। श्री जितेंद्र प्रताप सिंह के व्यक्तित्व में संगठन-शक्ति, परंपरा-निष्ठा और समाजोत्थान की प्रेरणा का जो समन्वित आलोक विद्यमान है, वह न केवल उनके जीवन-पथ को, बल्कि समस्त समाज को दीप्तिमान करता है—और यही उनके जन्मदिवस को विशिष्ट, प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय बनाता है।

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