
ग्रामीण पत्रकारों के अधिकार-संरक्षण हेतु संगठन सदैव प्रतिबद्ध – भुल्लन सिंह

दैनिक इंडिया न्यूज, मधुबन (मऊ)।उच्च प्राथमिक विद्यालय, मधुबन के विशाल प्रांगण में रविवार को विचारों की प्रखरता, संगठनात्मक एकात्मता और पत्रकारिता के स्वाभिमान का अद्भुत समागम दृष्टिगोचर हुआ, जब ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में पत्रकार सम्मान समारोह, वैचारिक संगोष्ठी एवं परिचय-पत्र वितरण कार्यक्रम अत्यंत गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार व तहसील अध्यक्ष वाचस्पति उपाध्याय ने की, जबकि संचालन पत्रकार वीरेंद्र शर्मा ने प्रभावपूर्ण शैली में किया। प्रारंभिक क्षणों से ही वातावरण में संगठनात्मक चेतना और पत्रकारिता के प्रति समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा था।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के वंदन एवं संगठन के संस्थापक स्वर्गीय वालेश्वर लाल जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में तहसील इकाई मधुबन के संरक्षक एवं पूर्व प्रधानाचार्य भुल्लन सिंह तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रदीप कुमार राय की उपस्थिति ने आयोजन को विशिष्टता प्रदान की। श्रद्धा और संकल्प के इस संगम ने मानो यह उद्घोष कर दिया कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का महाव्रत है।
सम्मान-अभिषिक्त क्षण तब आया जब उपस्थित पत्रकारों को माल्यार्पण कर परिचय-पत्र प्रदान किए गए। यह केवल औपचारिक सम्मान नहीं था, बल्कि ग्रामीण अंचलों में सत्य की निर्भीक मशाल जलाने वाले कलमकारों के साहस, संघर्ष और सतत साधना का सार्वजनिक अभिनंदन था। हर सम्मानित चेहरे पर आत्मगौरव की ज्योति झिलमिला रही थी, जो संगठन की सुदृढ़ एकता का जीवंत प्रतीक बन गई।
अपने उद्बोधन में भुल्लन सिंह ने अत्यंत मार्मिक शब्दों में कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन सदैव पत्रकारों के अधिकार-संरक्षण, सुरक्षा-सुनिश्चितता और मान-सम्मान की प्रतिष्ठा हेतु सतत प्रयत्नशील रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि संगठनात्मक एकजुटता ही वह आधारशिला है, जिस पर पत्रकारों के अधिकारों का दुर्ग सुदृढ़ किया जा सकता है। उनका वक्तव्य उपस्थित जनसमूह में नव-उत्साह का संचार कर गया।
प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रदीप कुमार राय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारों को पत्रकारिता के दौरान जिन बहुआयामी चुनौतियों, उत्पीड़न और अवमाननाओं का सामना करना पड़ता है, उनके निराकरण हेतु संगठन पूर्णतः सजग एवं संकल्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष और संवाद—दोनों मार्गों से संगठन पत्रकारों की अस्मिता की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध रहेगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में वाचस्पति उपाध्याय ने कहा कि संगठन निरंतर सुदृढ़ता की ओर अग्रसर है और ग्रामीण अंचलों से जुड़े पत्रकारों की सुरक्षा, मान्यता, सुविधाओं तथा पत्रकार उत्पीड़न पर प्रभावी रोक के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन एवं सतत प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है, और उसकी दृढ़ता ही समाज की प्रगति की सुनिश्चितता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार विनय कुमार मिश्रा, पवन कुमार पाण्डेय, विनोद कुमार मल्ल, सुजीत कुमार पाण्डेय, मनोज कुमार पाण्डेय, ईश्वरचन्द पाण्डेय, वीरेंद्र प्रजापति, देवी दयाल सिंह, दुर्गेश मिश्रा, वीरेंद्र नाथ शर्मा, सत्य प्रकाश गुप्ता, सुनील मौर्य, मनीष कुमार यादव, मोहम्मद हयात अली, मोहम्मद इमरान खान, हरिकेश यादव, सदाशिव मिश्रा, इंद्रजीत यादव, दुर्गा प्रसाद, रामप्रकाश यादव सहित अनेक पत्रकार एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समग्रतः यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि ग्रामीण पत्रकारिता के स्वाभिमान, संगठनात्मक समन्वय और अधिकार-सुरक्षा के दृढ़ संकल्प का उद्घोष बनकर उभरा—एक ऐसा संकल्प, जो आने वाले समय में ग्रामीण अंचलों की आवाज को और अधिक सशक्त, निर्भीक और प्रभावशाली बनाएगा।
