जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता, जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष जोर; राहत शिविरों का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों से किया संवाद। अधिकारियों को राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, सफाईकर्मियों का बढ़ाया उत्साह।

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।लखनऊ, 14 अक्टूबर। बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को सामान्य बनाना और संक्रामक बीमारियों के संभावित खतरे को रोकना प्रशासन के सामने एक नई चुनौती बनकर उभरा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को लखनऊ की मलिहाबाद विधानसभा के अंतर्गत सैंथा ग्रामीण क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का पुनः स्थलीय निरीक्षण किया। नगर निगम के नवविस्तारित क्षेत्र में शामिल सैंथा में उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था तथा प्रभावित नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही दूषित जल और प्रदूषित वातावरण के कारण मनुष्यों एवं पशुओं में विभिन्न बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में केवल जलभराव से मुक्ति पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई, प्रभावी जलनिकासी और नियमित दवा छिड़काव के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को नियंत्रित करना भी अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस दिशा में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।
स्वच्छता अभियान में आधुनिक तकनीक का उपयोग
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ड्रोन तकनीक के माध्यम से किए जा रहे दवा छिड़काव का जायजा लिया। उन्होंने इस तकनीक की उपयोगिता को देखते हुए निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी ड्रोन के माध्यम से दवा छिड़काव कराया जाए, ताकि प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ के बाद स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम से संबंधित गतिविधियों में तत्परता तथा समुचित समन्वय आवश्यक है।
मंत्री श्री शर्मा ने बाढ़ राहत शिविर और राहत चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए पानी निकल चुके क्षेत्रों में सफाई कार्यों की प्रगति भी देखी। इस दौरान उन्होंने सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन किया और नगर निगम के अधिकारियों, सफाईकर्मियों तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के लिए कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि प्रभावित बस्तियों में सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर जारी रहे।
प्रभावित परिवारों से संवाद, राहत सामग्री वितरित
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। साथ ही स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे बाढ़ की विभीषिका झेल चुके लोगों को संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि लखनऊ नगर निगम एवं प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों, नागरिकों और पशुओं तक राहत एवं बचाव संबंधी सहायता पहुंचाने तथा साफ-सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ के बाद सामान्य जनजीवन की बहाली के लिए राहत कार्यों के साथ स्वच्छता अभियान की निरंतरता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनता के साथ खड़ी है सरकार : ए.के. शर्मा
मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन जनता के साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना, उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करना और जनजीवन को सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।