
400 से अधिक प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित, 182 करोड़ रुपये से प्रस्तावित बंधे के निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का भरोसा; राजनाथ सिंह ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर प्रत्येक जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाने पर दिया जोर,


दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली। गोमती की बाढ़ से जूझ रहे लखनऊ के फैजुल्लागंज में राहत और पुनर्वास के बीच अब सबसे बड़ा प्रश्न इस त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने का है। केंद्रीय रक्षामंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ित परिवारों से संवाद किया, उनकी कठिनाइयां सुनीं और आईआईएम रोड स्थित अल्लूनगर डिगुरिया चौक पर 400 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि संकटग्रस्त परिवारों की सहायता में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। दौरे का एक महत्वपूर्ण पक्ष फैजुल्लागंज को बाढ़ से स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रस्तावित बंधे का निर्माण भी रहा, जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 182 करोड़ रुपये की घोषणा किए जाने की जानकारी दी गई है। तत्काल राहत से लेकर दीर्घकालिक सुरक्षा तक, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रभावित क्षेत्र की उन समस्याओं को केंद्र में ला दिया है, जिनका समाधान अब समयबद्ध कार्रवाई से ही संभव होगा।

राहत वितरण के दौरान राजनाथ सिंह ने प्रभावित नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनके अनुभव और आवश्यकताएं जानीं। वितरित सामग्री में दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और सब्जियों सहित जरूरत की सामग्री शामिल रही। इम्तियाज, संगीता देवी, शहीद अहमद, शिवरानी, शांति देवी, नेहा तिवारी, गंगापति, स्नेहा यादव, राजेश पांडेय और कुसुम कश्यप सहित अनेक प्रभावित लोगों से उन्होंने मुलाकात की। जलभराव के कारण आवागमन और सामान्य जनजीवन में उत्पन्न कठिनाइयों के बीच उन्होंने विधायक डॉ. नीरज बोरा से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी जरूरतमंद परिवार सहायता से वंचित न रहे। अक्षय पात्र सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से भी राहत पहुंचाए जाने की जानकारी दी गई। राजनाथ सिंह ने यह भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरे के पीछे एक व्यापक प्रशासनिक संदर्भ भी है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहे हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि आपदा से उबरने में समय लगता है, लेकिन सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएं मिलकर काम करें तो प्रभावित नागरिकों की कठिनाइयां कम की जा सकती हैं। फैजुल्लागंज में जलभराव ने यह प्रश्न भी सामने रखा है कि राहत पहुंचाने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और जलनिकासी को किस प्रकार प्रभावी बनाया जाए, ताकि आपदा के बाद संक्रमण और अन्य समस्याएं विकराल रूप न ले सकें।

फैजुल्लागंज के लिए प्रस्तावित बंधे का निर्माण इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक पहलू है। राजनाथ सिंह ने कहा कि क्षेत्र को बार-बार बाढ़ की समस्या से जूझने के लिए विवश नहीं होना चाहिए और इसके स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित बंधे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 182 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। रक्षा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शीघ्र शिलान्यास और निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का प्रयास करने की बात कही। हालांकि, निर्माण की निश्चित समयसीमा और कार्यारंभ की तारीख सामने आना अभी शेष है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि घोषित परियोजना कितनी शीघ्रता से धरातल पर उतरती है और क्षेत्र को वास्तविक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में कितनी प्रगति होती है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि रक्षा मंत्री के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चलाए गए हैं और जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिकित्सकों की टीम के साथ स्थिति पर निगरानी रख रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन को गलियों तथा आसपास जमा कीचड़ की सफाई कराने और पंपिंग सेट के माध्यम से जलनिकासी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत कार्यों की प्रभावशीलता अब इस बात से भी आंकी जाएगी कि प्रभावित बस्तियों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और आवागमन की स्थिति कितनी तेजी से सामान्य होती है।

इस अवसर पर विधायक डॉ. नीरज बोरा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना और राहत पहुंचाने के प्रयास करना जनप्रतिनिधियों के दायित्व को सार्थक दिशा देता है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह लखनऊ को अपने परिवार की तरह मानते हैं और उनके मार्गदर्शन में जरूरतमंदों की सहायता तथा स्थायी समाधान के प्रयासों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। वहीं, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने कहा कि रक्षा मंत्री का अपने संसदीय क्षेत्र के प्रति निरंतर जुड़ाव जनसेवा के लिए प्रेरणादायी है। उनके नेतृत्व और संरक्षण में संकटग्रस्त परिवारों तक सहायता पहुंचाने तथा जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संबल मिलता है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने फैजुल्लागंज के लिए स्थायी समाधान की दिशा में हुई पहल के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ला और ओ.पी. श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान एवं रामचंद्र प्रधान, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, विशेष कार्यकारी अधिकारी के.पी. सिंह तथा जनसंपर्क अधिकारी राघवेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

फैजुल्लागंज की चुनौती अब केवल बाढ़ के बाद हुए नुकसान की भरपाई नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जो भविष्य में नागरिकों के घरों, आजीविका और सामान्य जीवन को बार-बार संकट में पड़ने से बचा सके। राहत सामग्री का वितरण तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जबकि प्रस्तावित बंधे का निर्माण दीर्घकालिक सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। राजनाथ सिंह ने राहत में संसाधनों की कमी न आने देने का भरोसा दिया है; अब प्रशासनिक समन्वय, स्वास्थ्य एवं जलनिकासी व्यवस्था और प्रस्तावित बंधे पर समयबद्ध कार्रवाई यह निर्धारित करेगी कि फैजुल्लागंज के परिवारों को राहत के साथ स्थायी सुरक्षा कितनी शीघ्र मिलती है।