
दैनिक इंडिया न्यूज़ 12 Fab 2026 लखनऊ। राजधानी लखनऊ की सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय अभिरुचि का दीर्घकाल से अभिन्न अंग रही नगर निगम की पुष्प प्रदर्शनी पुनः अपने गरिमामय स्वरूप में आयोजित होने जा रही है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने व्यक्तिगत संलग्नता एवं दूरदर्शी पहल करते हुए इस बहुप्रतीक्षित प्रदर्शनी को पद्मश्री एस. सी. राय पार्क (ई-पार्क), महानगर विस्तार में पुनर्स्थापित कराने का निर्णय लिया है। कोरोना कालखंड के उपरांत स्थगित इस आयोजन की पुनरावृत्ति नगरवासियों के लिए विशेष उत्साह का विषय बन गई है।

विगत दशकों से निरंतर आयोजित होती रही यह पुष्प प्रदर्शनी केवल सौंदर्यावलोकन का अवसर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संवर्धन और नागरिक सहभागिता का सशक्त माध्यम रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रदर्शनी को पुनः सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने हेतु राजकुमार श्रीवास्तव सभागार में महापौर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार, प्रमुख अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव, सचिव महानगर विस्तार जनकल्याण समिति जितेन्द्र प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता कर आयोजन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं तथा विषय-वस्तु पर व्यापक विमर्श किया।
निर्णय लिया गया कि प्रदर्शनी का उद्घाटन 21 फरवरी 2026 को तथा समापन 22 फरवरी 2026 को किया जाएगा। दो दिवसीय इस आयोजन में विविध प्रजातियों के पुष्पों, उद्यानिकी नवाचारों, सजावटी पौधों तथा पर्यावरण संरक्षण विषयक प्रदर्शों को सम्मिलित किया जाएगा, जिससे नागरिकों में प्रकृति के प्रति अनुराग और संरक्षणबोध सुदृढ़ हो।
उल्लेखनीय है कि यह प्रदर्शनी पूर्व महापौर डॉ. एस. सी. राय की मनोदृष्य योजना रही, जिनका प्रकृति-प्रेम और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता इस आयोजन की मूल प्रेरणा थी। उनके कार्यकाल में नगर निगम द्वारा इसे संस्थागत स्वरूप प्रदान किया गया। पश्चात् डॉ. दिनेश शर्मा तथा संयुक्ता भाटिया के कार्यकाल में इसकी निरंतरता बनी रही। वर्तमान महापौर सुषमा खर्कवाल ने इसे नवोन्मेषी विस्तार देते हुए अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित और जनोन्मुख बनाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के समापन अवसर पर सचिव महानगर विस्तार जनकल्याण समिति जितेन्द्र प्रताप सिंह ने महापौर, नगर आयुक्त, प्रमुख अपर नगर आयुक्त तथा उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास प्रकट किया कि यह प्रदर्शनी पुनः लखनऊ की सांस्कृतिक पहचान का गौरवशाली प्रतीक सिद्ध होगी तथा पर्यावरणीय जागरूकता के नव अध्याय का उद्घाटन करेगी।
