लखनऊ के लोकभवन में ‘नमो सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विशेष नाट्य मंचन; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी-शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक यात्रा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।लखनऊ के लोकभवन में शुक्रवार को ‘नमो सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित विशेष नाट्य मंचन ने राजनीति, सेवा और जनकल्याण की उन कथाओं को रंगमंच पर रूपायित किया, जिन्हें अभियान की थीम में ‘अनकही कहानियां’ कहा गया है। भाजपा लखनऊ महानगर और भाजपा लखनऊ जिला के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे। प्रस्तुति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के विभिन्न प्रसंगों, सेवा-समर्पण की अवधारणा तथा केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े लाभार्थी अनुभवों को नाटकीय रूप में सामने रखा गया। यह आयोजन ऐसे समय हुआ है जब भाजपा उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है।


नाट्य प्रस्तुति का केंद्र समाज के उन वर्गों की कहानियां रहीं, जिन्हें अभियान के आयोजकों ने सेवा और जनकल्याण की यात्रा से जोड़ा। मंच पर कलाकारों ने जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचने, सामाजिक सहभागिता और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जीवन में आए बदलावों को भावनात्मक दृश्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रदेश में इस अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की व्यापक योजना बनाई गई है, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तक नाट्य प्रस्तुतियां पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत 2 अक्टूबर की ऐतिहासिक महत्ता से की। उन्होंने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कृतज्ञ राष्ट्र दोनों महान व्यक्तित्वों का स्मरण कर रहा है। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन की 25 वर्ष की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा होगा। आधिकारिक और सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी और अक्टूबर 2026 में उस अवसर को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के शुरुआती कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुसार इस अवधि में शासन की प्राथमिकताओं में विकास, कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे को प्रमुख स्थान मिला। उन्होंने गुजरात के भूकंप और 2002 के सांप्रदायिक दंगों जैसी कठिन परिस्थितियों का संदर्भ भी दिया और कहा कि इन परिस्थितियों के बीच गुजरात को विकास के मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन टिप्पणियों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक आकलन के रूप में देखा जाना चाहिए; कार्यक्रम में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र सांख्यिकीय प्रस्तुति नहीं दी गई।

योगी आदित्यनाथ ने 2014 के बाद केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए जनधन खातों, आवास, उज्ज्वला योजना, स्वास्थ्य बीमा और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को गरीबों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों तक धन पहुंचाने की व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका कम की। इसी क्रम में उन्होंने किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार से जुड़े अवसरों तथा शिक्षा और चिकित्सा संस्थानों के विस्तार का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और हवाई अड्डों के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास और कल्याण की सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने युवा शक्ति, महिलाओं के स्वावलंबन और किसानों की आय तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को भी प्रधानमंत्री की सार्वजनिक यात्रा के संदर्भ में रेखांकित किया।
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में योगी आदित्यनाथ ने 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में रेखांकित करते हुए ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी को जोड़ने की आवश्यकता है। ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ की नाट्य प्रस्तुति को उन्होंने इसी व्यापक यात्रा की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में देखा।
कार्यक्रम में अवध क्षेत्र अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने कहा कि सेवा भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। उनके अनुसार समाज के प्रति संवेदनशीलता और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना ऐसे अभियानों का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ‘नमो सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से सेवा गतिविधियों को व्यापक सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि सेवा पार्टी की कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच किए जाने वाले सेवा कार्यों से जुड़ी अनेक कहानियां सामान्यतः सार्वजनिक विमर्श में सामने नहीं आ पातीं और ‘अनकही कहानियां’ के माध्यम से उन्हीं प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इससे पहले लखनऊ महानगर भाजपा की ओर से भी अभियान के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में नाट्य एवं नुक्कड़ प्रस्तुतियों की योजना की जानकारी दी गई थी।
कार्यक्रम में भाजपा लखनऊ जिला अध्यक्ष विजय मौर्या, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ला, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान सहित भाजपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
प्रदेश स्तर पर देखा जाए तो ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत सेवा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनभागीदारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद सहित अनेक गतिविधियां प्रस्तावित हैं। ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ इसी अभियान की प्रमुख सांस्कृतिक कड़ियों में शामिल है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन तथा जनकल्याण से जुड़ी कथाओं को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।