संपूर्ण समाधान दिवस में राजस्व संबंधी शिकायतों का रहा दबदबा; 56 मामले राजस्व विभाग से जुड़े, पांच शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों की टीमें मौके पर भेजीं

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।तहसील के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद खतौनी में संशोधन न होने से परेशान एक फरियादी को उस समय राहत मिली, जब जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ही उसके प्रकरण का संज्ञान लेकर आवश्यक संशोधन कराया और संशोधित खतौनी तत्काल उपलब्ध करा दी। मधुबन तहसील में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सामने आए इस मामले के साथ ही जिलाधिकारी ने कुल 87 शिकायतों को सुना, जिनमें से 15 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि पांच अन्य मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों की टीमें मौके पर रवाना की गईं।
जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के विभागवार विवरण पर नजर डालें तो राजस्व संबंधी मामले सबसे अधिक रहे। कुल 87 शिकायतों में 56 राजस्व विभाग, 18 चकबंदी विभाग और सात पुलिस विभाग से संबंधित थीं। शेष शिकायतें अन्य विभागों से जुड़ी हुई थीं। इन आंकड़ों ने तहसील स्तर पर राजस्व एवं भूमि संबंधी विवादों और प्रशासनिक समस्याओं की प्रमुखता को भी रेखांकित किया।
खतौनी संशोधन के लिए लंबे समय से तहसील के चक्कर लगा रहे शिकायतकर्ता का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने उसे लंबित रखने के बजाय तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आवश्यक संशोधन कराकर संशोधित खतौनी फरियादी को जनसुनवाई के दौरान ही सौंप दी गई। इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि शिकायतों का प्रभावी निस्तारण केवल औपचारिक सुनवाई तक सीमित न रहकर मौके पर समाधान से भी जुड़ा होना चाहिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि संपूर्ण समाधान दिवस और नियमित जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा, उपजिलाधिकारी मधुबन दीपक सिंह सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।