ब्रेकिंग न्यूज़
भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र में शुरू हुआ संस्कृत संभाषण शिविर | राजधानी लखनऊ के फजुल्लागंज जलभराव के बीच राहत मोर्चे पर उतरे प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह | फैजुल्लागंज में बढ़ता जलस्तर, रक्षामंत्री राजनाथ ने प्रशासन और संगठन को उतारा राहत मोर्चे पर | गायत्री परिवार के शताब्दी संकल्प से 2047 के भारत तक—योगी ने शिक्षकों को सौंपा ‘युग निर्माण’ का दायित्व | श्री चंद शर्मा को विधान परिषद प्रत्याशी बनाए जाने पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी बधाई | गोमती की बाढ़ पर योगी का ‘मास्टर प्लान’, फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध का रास्ता साफ | छठ पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, योगी से मिला भोजपुरी समाज | गायत्री परिवार के शताब्दी संकल्प से 2047 के भारत तक—योगी ने शिक्षकों को सौंपा ‘युग निर्माण’ का दायित्व | भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र में शुरू हुआ संस्कृत संभाषण शिविर | राजधानी लखनऊ के फजुल्लागंज जलभराव के बीच राहत मोर्चे पर उतरे प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह | फैजुल्लागंज में बढ़ता जलस्तर, रक्षामंत्री राजनाथ ने प्रशासन और संगठन को उतारा राहत मोर्चे पर | गायत्री परिवार के शताब्दी संकल्प से 2047 के भारत तक—योगी ने शिक्षकों को सौंपा ‘युग निर्माण’ का दायित्व | श्री चंद शर्मा को विधान परिषद प्रत्याशी बनाए जाने पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी बधाई | गोमती की बाढ़ पर योगी का ‘मास्टर प्लान’, फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध का रास्ता साफ | छठ पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, योगी से मिला भोजपुरी समाज | गायत्री परिवार के शताब्दी संकल्प से 2047 के भारत तक—योगी ने शिक्षकों को सौंपा ‘युग निर्माण’ का दायित्व |
हाइलाइट न्यूज़
यूपी में 8 वर्षों में 8.5 लाख सरकारी नौकरियां, सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए • एक जनपद-एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश को दिलाया अन्तर्राष्ट्रीय पहचान , स्थापित किए नवीन प्रतिमान - मा0 मुख्यमंत्री • कानून व्यवस्था एवं गिरोह बंद माफियाओं पर कार्रवाई के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संबंध संपन्न • कांग्रेस न आप, भाजपा देगी साथः सीएम योगी  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने मनाया स्थापना के 75 वर्ष — उज्जैन में हुआ जागरूकता कार्यक्रम • रफ्तार और रोमांच के इवेंट का हुआ आगाज, फाइनल रेस के साक्षी बन सकते हैं सीएम योगी  • देश के ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाने को तैयार है 'नए भारत का नया उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री • आईआईएम और वि.स.अध्यक्ष के बीच विचार-विमर्श • यूपी में 8 वर्षों में 8.5 लाख सरकारी नौकरियां, सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए • एक जनपद-एक उत्पाद योजना ने उत्तर प्रदेश को दिलाया अन्तर्राष्ट्रीय पहचान , स्थापित किए नवीन प्रतिमान - मा0 मुख्यमंत्री • कानून व्यवस्था एवं गिरोह बंद माफियाओं पर कार्रवाई के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संबंध संपन्न • कांग्रेस न आप, भाजपा देगी साथः सीएम योगी  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने मनाया स्थापना के 75 वर्ष — उज्जैन में हुआ जागरूकता कार्यक्रम • रफ्तार और रोमांच के इवेंट का हुआ आगाज, फाइनल रेस के साक्षी बन सकते हैं सीएम योगी  • देश के ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाने को तैयार है 'नए भारत का नया उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री • आईआईएम और वि.स.अध्यक्ष के बीच विचार-विमर्श •
उत्तर प्रदेश सरकार English

राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती पर राष्ट्रवासियों को दी शुभकामनाएं

D

Dainik India News

• 5897 views
राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती पर राष्ट्रवासियों को दी शुभकामनाएं

दैनिक इंडिया न्यूज़ ,लखनऊ, 28 अप्रैल — राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने अक्षय तृतीया तथा भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर समस्त राष्ट्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलमय आशीर्वाद प्रदान किया है।

अपने शुभकामना संदेश में जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अक्षय तृतीया सनातन संस्कृति की एक अत्यंत पुण्य एवं सिद्ध तिथि है, जिसे युगों-युगों से श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा:

"अक्षय्यं फलमाप्नोति धर्मकर्मसमन्वितः।
अक्षय्यं सुखसंपत्तिं तस्मादेतत्सदा caret्॥"

(जो अक्षय तृतीया के दिन धर्म और पुण्य कार्य करता है, वह अक्षय फल, सुख और संपत्ति प्राप्त करता है।)

उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु, जो समस्त सृष्टि के संरक्षक हैं, इस तिथि को विशेष कृपा प्रदान करते हैं। अक्षय तृतीया के दिन भगवान लक्ष्मीनारायण की विशेष पूजा कर जीवन में समृद्धि, वैभव और शांति का आह्वान किया जाता है। यह तिथि सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ मानी जाती है।

जितेंद्र प्रताप सिंह ने भगवान परशुराम जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान परशुराम ने धर्म और न्याय की स्थापना के लिए अनथक प्रयास किए। उन्होंने कहा:

"धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः।
तस्माद्धर्मो न हन्तव्यः मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥"
(धर्म का नाश करने वाला स्वयं नष्ट हो जाता है, और जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। इसलिए धर्म का कभी परित्याग नहीं करना चाहिए।)

उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और न्याय के मार्ग का अनुसरण करके ही समस्त राष्ट्र को समृद्धि, सुरक्षा और वैभव के पथ पर अग्रसर किया जा सकता है।

अंत में, जितेंद्र प्रताप सिंह ने देशवासियों का आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर पर धर्म, सत्य और न्याय के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए लोककल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए संकल्पित हों। उन्होंने कहा:

"सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥"
(सभी सुखी हों, सभी निरोग हों, सभी मंगलदर्शी हों, और कोई भी दुःख का भागी न बने।)

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!