उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अर्पित की श्रद्धांजलि
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ ।प्रखर समाजवाद के चिंतक, अप्रतिम राजनीतिक विचारक एवं सामाजिक समता के प्रबल पक्षधर डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर गोमतीनगर स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने डॉ. लोहिया के वैचारिक अवदान, लोकतांत्रिक प्रतिबद्धताओं और समाज के वंचित-उपेक्षित वर्गों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सामान्य जन के कल्याण के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने सामाजिक विषमता, आर्थिक असमानता और शोषणकारी प्रवृत्तियों के विरुद्ध मुखर होकर आवाज उठाई तथा लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और समानाधिकार की स्थापना पर विशेष बल दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की स्पष्ट प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया की वैचारिक विरासत आज भी सामाजिक न्याय, समान अवसर और जनकल्याण की अवधारणाओं को प्रासंगिक दिशा प्रदान करती है। उनकी पुण्यतिथि केवल श्रद्धासुमन अर्पित करने का अवसर नहीं, बल्कि उन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ करने का क्षण है, जिनके लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया। समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना और वंचितों के अधिकारों की रक्षा करना ही उनके विचारों के प्रति वास्तविक सम्मान होगा।
भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया ने भारतीय लोकतंत्र, सामाजिक परिवर्तन और जनाधिकारों की विमर्श-परंपरा को समृद्ध करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक असमानताओं के उन्मूलन, समान अवसरों की उपलब्धता और आमजन की समस्याओं को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थापित करने पर बल दिया। उनके विचार सत्ता और समाज के संबंधों को जनहित, उत्तरदायित्व तथा सामाजिक न्याय की कसौटी पर परखने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया की पुण्यतिथि उनके विचारों के पुनर्स्मरण के साथ-साथ सामाजिक समरसता, मानवीय गरिमा और लोकसेवा के मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अवसर है। उनके सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने, समानता की भावना को सुदृढ़ करने तथा जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहना चाहिए।
डॉ. राममनोहर लोहिया का वैचारिक अवदान भारतीय सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक चेतना और जनसरोकारों की महत्ता का स्मरण कराता है। उनकी पुण्यतिथि पर अर्पित श्रद्धांजलि उनके संघर्ष, सिद्धांतों और समाजोन्मुख चिंतन के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही एक समतामूलक एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की जिम्मेदारी का भी बोध कराती है।