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पत्रकार भवन की मांग से गूंजा मंच, एके शर्मा के ‘नई दुल्हन’ वाले बयान ने बटोरी सुर्खियां

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Dainik India News

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पत्रकार भवन की मांग से गूंजा मंच, एके शर्मा के ‘नई दुल्हन’ वाले बयान ने बटोरी सुर्खियां

मऊ के चंद्रा इंटरनेशनल स्कूल में पत्रकार मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन; पत्रकारों ने जिला मुख्यालय और मधुबन में पत्रकार भवन निर्माण की मांग उठाई, मंत्री ने गंभीरता से विचार करने का दिया भरोसा।

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।मऊ में रविवार को पत्रकारिता, जनसंवाद और साहित्य का अनूठा संगम देखने को मिला। चंद्रा इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पत्रकार मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन में जहां जिले के पत्रकारों ने अपनी बुनियादी समस्याओं को प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के समक्ष प्रमुखता से रखा, वहीं मंत्री के एक चुटीले जवाब ने पूरे आयोजन को सुर्खियों में ला दिया। पत्रकारों से संवाद के दौरान अपनी राजनीतिक सक्रियता और मीडिया से दूरी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “मैं राजनीति की नई दुल्हन हूं, थोड़ा शर्माता हूं, इसलिए आप लोगों से थोड़ा दूर रहता हूं। मुझे बोलने से ज्यादा काम करने पर विश्वास है।” उनके इस सहज और व्यंग्यात्मक जवाब पर सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।

समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों ने मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए मऊ जिला मुख्यालय और मधुबन में पत्रकार भवन के निर्माण की मांग उठाई। पत्रकारों का कहना था कि जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और लोकतंत्र में जनहित के प्रहरी की भूमिका निभाने वाले पत्रकारों के लिए जिले में ऐसा कोई स्थायी स्थान नहीं है, जहां वे बैठकर समाचार संकलन, संपादकीय कार्य, विचार-विमर्श और संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन कर सकें।

पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार संकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की समस्याओं को सामने लाने और जनमानस की आवाज को जिम्मेदार संस्थाओं तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में पत्रकारों के लिए एक व्यवस्थित भवन की उपलब्धता समय की आवश्यकता है। इस मांग पर मंत्री ए.के. शर्मा ने आश्वस्त किया कि पत्रकारों की अपेक्षाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनके हितों से जुड़े विषयों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों और मंत्री के बीच हुआ संवाद कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। पत्रकारों ने जब उनसे मीडिया से अपेक्षाकृत दूरी बनाए रखने का कारण पूछा तो उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के अपने अंदाज में जवाब दिया। राजनीति में स्वयं को नई दुल्हन बताने वाली उनकी टिप्पणी ने माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कार्यशैली में प्रचार से अधिक काम को प्राथमिकता दी जाती है। उनका कहना था कि किसी भी विभाग की वास्तविक पहचान उसके दावों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों से बनती है।

ऊर्जा और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था तथा शहरी विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि मऊ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इन दोनों विभागों के माध्यम से विकास संबंधी कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पत्रकार मिलन समारोह के बाद आयोजित कवि सम्मेलन ने आयोजन को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। प्रसिद्ध कवि पंकज प्रखर और डंडा बनारसी सहित अन्य कवियों ने हास्य, व्यंग्य, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उनकी प्रस्तुतियों में समकालीन परिस्थितियों पर तीखे कटाक्ष भी रहे तो सामाजिक जीवन की विसंगतियों पर हास्य की सहज अभिव्यक्ति भी देखने को मिली। श्रोताओं ने तालियों और ठहाकों के साथ कवियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने मुख्य अतिथि मंत्री ए.के. शर्मा, उपस्थित पत्रकारों और कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया। हालांकि, साहित्यिक प्रस्तुतियों और आत्मीय संवाद के बीच पत्रकार भवन निर्माण की मांग इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरी। अब देखना यह होगा कि पत्रकारों की ओर से उठाई गई इस सामूहिक मांग को शासन स्तर पर कब तक ठोस स्वरूप मिल पाता है।

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