आर्थिक विपन्नता के कारण निजी अस्पताल का व्यय वहन करने में असमर्थ था परिवार; संपर्क मिलते ही जितेन्द्र प्रताप सिंह ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से किया हस्तक्षेप का अनुरोध, तत्काल कार्रवाई से मरीज को मिली विशेषज्ञ चिकित्सा की सुविधा
दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। सुदूर ग्रामीण अंचल की एक वृद्ध महिला के गंभीर रूप से अस्वस्थ होने और निजी अस्पताल में उपचार का व्यय वहन करने में परिवार की असमर्थता की जानकारी मिलने पर तत्काल चिकित्सीय सहायता के लिए पहल की गई। गंभीर अवस्था में महिला प्रयागराज के एक निजी चिकित्सालय में उपचाराधीन थीं, जहां आर्थिक कठिनाइयों के कारण आगे का उपचार परिवार के लिए अत्यंत दुष्कर हो गया था।
मामले की जानकारी प्राप्त होने के बाद संस्कृतभारती, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सम्पर्कप्रमुख जितेन्द्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से महिला के समुचित उपचार के लिए तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया। उन्होंने आग्रह किया कि मरीज को आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए एसजीपीजीआई, लखनऊ में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाए।
जितेन्द्र प्रताप सिंह के अनुरोध के बाद, उनके अनुसार, उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके उपरांत मरीज के परिजनों से संपर्क स्थापित कर एसजीपीजीआई, लखनऊ में उपचार के लिए आवश्यक समन्वय किया गया और महिला को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
इस त्वरित पहल से आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिली। परिजनों के लिए गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार का संकट केवल चिकित्सकीय नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक चुनौती भी बन गया था। ऐसे में उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान में उपचार की व्यवस्था होना उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हुआ।
संस्कृतभारती की ओर से उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि संकट की घड़ी में त्वरित संज्ञान लेकर चिकित्सीय सहायता की व्यवस्था कराना मानवीय संवेदनशीलता और लोकसेवा की भावना का परिचायक है। संगठन ने मरीज के शीघ्र स्वास्थ्यलाभ की कामना करते हुए उपचार में सहयोग करने वाले सभी संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की।