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जिला कारागार के महिला बैरक का किया गया वर्चुअल निरीक्षण

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Dainik India News

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वाचस्पति त्रिपाठी / डी डी इन्डिया न्यूज


मऊ । माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली,उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ श्री रामेश्वर महोदय के मार्गदर्शन में दिनांक 24.02.2022 को लगभग 1.00 बजे जिला कारागार के महिला बैरक का वर्चुअल निरीक्षण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। निरीक्षण के समय श्री नागेश सिंह जेलर/प्रभारी अधीक्षक, श्री अमर कुमार सिंह, उप जेलर एवं श्रीमती मंजू बर्नवाल उप जेलर उपस्थित थी।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा पूछ ताछ के दौरान जेलर/प्रभारी अधीक्षक द्वारा बताया गया कि जिला कारागार में 559 पुरुष, 20 महिला एवं 26 किशोर निरुद्ध हैं। 20 महिला बन्दियों में 01 कन्विक्टेड तथा 19 विचाराधीन बन्दी हैं। इन महिला बन्दियों के साथ दो लड़के एवं 02 लड़किया रह रही हैं। जेल अधीक्षक द्वारा बताया गया कि बच्चों को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से पुष्टाहार आता है। इस सम्बंध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि महिला बन्दियों को गुणवत्तायुक्त मीनू के अनुसार भोजन दिये जाय तथा छोटे बच्चों को फल, दूध एवं पौष्टिक आहार दिये जाय, जिससे उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
महिला बैरक के वर्चुअल निरीक्षण में पूछ ताछ के दौरान जेलर/प्रभारी अधीक्षक द्वारा बताया गया कि आज बन्दियों को भोजन में प्रातः नाश्ता में-चाय, गुड़, पावरोटी, सुबह भोजन में-रोटी,चावल,अरहर की दाल,आलू पालक की सब्जी एवं शाम भोजन मंे-रोटी,चावल,चना की दाल एवं आलू गोभी की सब्जी मीनू के अनुसार दिया जायेगा।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिला बन्दियों से जेल के अन्दर उनकी समस्याओं के बारे में पूछ ताछ किया गया, जिसमें से महिला बन्दी परमदेइया ने बताया कि उसके दामाद का निधन हो गया है, इसके दो छोटे छोटे लड़के एवं एक लड़की हैं, बहुत दिक्कत हो रही हैं। यह दिनांक 20 जुलाई 2021 से धारा 304 में निरुद्ध हैं। इनके केस की पैरवी इनके प्राइवेट अधिवक्ता कर रहे हैं। महिला बन्दी रिंकी निषाद ने बताया कि वह दिनांक- 17 जनवरी 2020 से जिला कारागार में धारा 302 के अन्तर्गत निरुद्ध हैं, इनके केस में गवाही हो गयी है, परन्तु उसका निराकरण नहीं हुआ है। इन दोनों महिला बंदियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा सलाह/सुझाव दिया गया कि अपने अपने केस की पैरवी प्रभावी ढंग से सम्बंधित न्यायालय में करें, जिससे आपके प्रकरण का गुण दोष के आधार पर निराकरण हो सके और आपको न्याय मिल सके। इसके साथ ही साथ सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि जहां कहीं भी विधिक सहायता की आवश्यकता हो वहाँ जेल अधीक्षक के माध्यम से कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रेषित करे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के पहल पर जिला कारागार, मऊ में महिला बंदियों से बास की डलिया बनाने का कार्य शुरु किया गया है। महिला बंदियों के डलिया बनाने से जहॉ एक ओर महिला बंदियों के अंदर उत्साह एवं जागरूकता पैदा होगी, वही डलिया से हुई बिक्री से हुई आय से उन्हें लाभ भी प्राप्त होगा। जेल अधीक्षक के इस पहल की सराहना भी की गयी। इसके साथ ही साथ जेल अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया गया कि महिला बंदियों से उनकी इच्छानुसार मोमबत्ती,अगरबत्ती एवं अन्य कार्य जो आसानी किया जा सकता है, पर विचार करें। यदि महिला बन्दी इस कार्य में रुचि लेने पर उत्सुक हो,तो कार्यवाही करें।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,मऊ द्वारा जेलर/प्रभारी अधीक्षक, जिला कारागार मऊ को दिनांक- 26.02.2022 को आयोजित होने वाली जेल ई-लोक अदालत के सम्बंध में निर्देशित किया गया एवं प्ली बार्गेनिंग के सम्बंध में जानकारी प्रदान की गयी। यह भी निर्देश दिया गया कि ऐसे बन्दी जो जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर अपने वाद का निस्तारण करना चाहते हैं, उनका प्रार्थना पत्र लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रेषित करें।

                                                (कुॅवर मित्रेश सिंह कुशवाहा)
                                                         सचिव,

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