एक दिन के लिए अकेले लिया था कमरा, आसपास मौजूद लोगों ने बचाने की पूरी कोशिश की; कर्ज और मानसिक तनाव की बात सामने आई, लेकिन आत्महत्या की असली वजह अब भी जांच के घेरे में
दैनिक इंडिया न्यूज, नोएडा।नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा की ऊंची इमारत में शनिवार को जो कुछ हुआ, उसने वहां मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए स्तब्ध कर दिया। कुछ ही घंटे पहले जिस युवक ने इस आलीशान इमारत में एक कमरे में ठहरने की व्यवस्था की थी, वही युवक कुछ समय बाद बालकनी की रेलिंग के बाहर दिखाई दिया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे देखकर शोर मचाया, उसे वापस आने के लिए समझाने की कोशिश की और मदद के लिए सुरक्षा कर्मियों को बुलाया, लेकिन घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि किसी को उसे बचाने का अवसर नहीं मिल सका। पुलिस ने मृतक की पहचान संभव जैन, मानेसर, गुरुग्राम निवासी के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक वह सुपरनोवा की स्पायरा इमारत में अकेले ठहरा हुआ था।
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संभव जैन ने ऑनलाइन माध्यम से अल्प अवधि के लिए कमरा बुक किया था और शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वहां पहुंचा था। वह अकेला आया था। शनिवार को घटना से पहले पास के एक फ्लैट में एसी मरम्मत का काम कर रहे कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ी। वह बालकनी की रेलिंग के बाहर था। कर्मचारियों ने उसे वापस आने के लिए समझाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उसने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भी बात की थी। मदद की कोशिश कर रहे लोगों के लिए वह क्षण बेहद बेचैनी भरा था, क्योंकि सामने एक ऐसा व्यक्ति था जिसे वे जानते तक नहीं थे, लेकिन कुछ ही क्षणों में उसे बचाने की कोशिश उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी थी।
इसके बाद संभव जैन ने छलांग लगा दी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-126 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा आवश्यक साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और घटना के समय मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या था जिसने संभव जैन को इस हद तक मानसिक दबाव में पहुंचा दिया। प्रारंभिक पुलिस जांच में कर्ज और आर्थिक परेशानी की दिशा में संकेत मिले हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उसके मोबाइल फोन में पिता के साथ हुई बातचीत भी जांच का हिस्सा बनी है। हालांकि पुलिस ने अभी आर्थिक परेशानी को अंतिम कारण नहीं माना है। मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव और घटना से पहले की उसकी गतिविधियों समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस मामले में एक और बात जांचकर्ताओं का ध्यान खींच रही है—संभव जैन अपने घर से दूर था और उसने सुपरनोवा में केवल अल्प अवधि के लिए ठहरने की व्यवस्था की थी। वह वहां किस उद्देश्य से आया था, घटना से पहले किन लोगों के संपर्क में था और कमरे में पहुंचने के बाद उसने किन गतिविधियों को अंजाम दिया, इन सवालों के जवाब उसकी डिजिटल गतिविधियों और सीसीटीवी फुटेज से तलाशे जा रहे हैं। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना से पहले उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और उसके मानसिक तनाव की वास्तविक वजह क्या थी।
घटना को लेकर सामने आई रिपोर्टों में मृतक की उम्र और घटना वाली मंजिल को लेकर भी अंतर दिखाई देता है। कुछ रिपोर्टों में उम्र 28 वर्ष और कुछ में 29 अथवा 35 वर्ष बताई गई है। इसी तरह कुछ शुरुआती रिपोर्टों में 41वीं मंजिल का उल्लेख हुआ, जबकि बाद की कई रिपोर्टों में 43वीं मंजिल बताया गया है। इसलिए तथ्यात्मक प्रकाशन के लिए उम्र को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना अधिक उचित होगा। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में 43वीं मंजिल का उल्लेख प्रमुखता से है।
सुपरनोवा की यह घटना सिर्फ एक युवक की मौत की खबर बनकर नहीं रह गई है। एक दिन के लिए बुक किए गए कमरे से शुरू हुई कहानी कुछ घंटों के भीतर एक ऐसे सवाल में बदल गई, जिसका जवाब अभी पुलिस की जांच तलाश रही है—आखिर संभव जैन अपने घर से दूर सुपरनोवा क्यों आया था और उसके भीतर ऐसा क्या चल रहा था, जिसकी भनक उसके आसपास मौजूद लोगों को आखिरी क्षणों से पहले नहीं लग सकी? फिलहाल पुलिस के हाथ में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हैं; इन्हीं कड़ियों को जोड़कर घटना की पूरी तस्वीर सामने लाने की कोशिश की जा रही है।