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परमपूज्या श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा का जन्मोत्सव: आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित जीवन

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Dainik India News

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परमपूज्या श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा का जन्मोत्सव: आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित जीवन

गुरु की कृपा से जीवन पथ का मार्गदर्शन

दैनिक इंडिया न्यूज,लखनऊ।आज का दिन आध्यात्मिक जगत के लिए अत्यंत पावन है, क्योंकि यह दिन परमपूज्या श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। आध्यात्मिक साधना, ज्ञान और करुणा की मूर्ति, माँ पूर्ण प्रज्ञा संपूर्ण भक्त समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं। उनके आशीर्वाद और शिक्षाओं ने अनगिनत जिज्ञासुओं को जीवन के सत्य की अनुभूति कराई है और मोक्ष मार्ग को प्रशस्त किया है।

राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष ने किया गुरु वंदन

राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपने आध्यात्मिक पारिवारिक गुरु श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा के जन्मोत्सव पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में कहा:

"अखंडानन्दबोधाय शिष्य संताप हारिणे।
परमानंद स्वरूपाय तस्मै श्रीगुरूवे नमः।।"

उन्होंने आगे लिखा:

"पूज्या श्री श्री माँ के जन्मोत्सव दिवस की अंतर्मन पटल से कोटि कोटि नमन, वंदन, अभिनन्दन सहित सादर चरण स्पर्श। आपका असीम आशीर्वाद हम सभी अबोध जनों पर सदैव बना रहे। आप अपनी ज्ञानगंगा से हम सबको अभिसिंचित कर जीवन यात्रा को सुगम बना मोक्ष मार्ग प्रशस्त करें।"

गुरु का महत्व: जीवन का आध्यात्मिक आधार

सनातन संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर का स्वरूप माना गया है। वे शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर आत्मज्ञान के प्रकाश में स्थापित करते हैं। शास्त्रों में कहा गया है—

"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।।"

श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा न केवल सनातन धर्म की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं, बल्कि उनके आशीर्वाद से अनेक साधक आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उनकी करुणा और ज्ञान जीवन को सरल, सशक्त और मोक्ष की ओर प्रेरित करने वाली शक्ति है।

गुरु के आशीर्वाद से उन्नति का मार्ग

श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा के जन्मोत्सव पर सभी अनुयायी श्रद्धा और समर्पण के साथ उन्हें नमन कर रहे हैं। उनका जीवन और शिक्षाएं प्रत्येक साधक के लिए एक दिशा-निर्देश हैं। जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी इस अवसर पर अपने गुरु से आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से सनातन धर्म की रक्षा और उत्थान में वे निरंतर कार्यरत रहेंगे।

इस पावन अवसर पर संपूर्ण सनातन समाज उनके दीर्घायु एवं सतत कल्याणकारी कार्यों की कामना करता है। श्री श्री माँ पूर्ण प्रज्ञा जी के चरणों में कोटि-कोटि वंदन!

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