पत्रकारों के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने खोला राज, जवाब सुनकर गूंज उठा सभागार!
पत्रकारों ने पूछा—आखिर मीडिया से दूरी क्यों बनाए रखते हैं मंत्री जी? मऊ में ए.के. शर्मा ने मुस्कराकर कहा—‘मैं राजनीति की नई दुल्हन हूं, थोड़ा शर्माता हूं’; पत्रकार भवन की मांग भी उठी।
दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।प्रदेश की राजनीति में एक ऐसी ‘नई दुल्हन’ सामने आई है, जिसके बारे में जानने के लिए पत्रकारों ने सीधे सवाल दाग दिया। सवाल था—आखिर आप पत्रकारों से दूरी क्यों बनाए रखते हैं, मीडिया से मिलने से कतराते क्यों हैं? जवाब देने वाले प्रदेश सरकार के कोई सामान्य प्रतिनिधि नहीं, बल्कि नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा थे। उन्होंने भी सवाल को हल्के में टालने के बजाय मुस्कराते हुए ऐसा जवाब दिया कि पूरा सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। बोले, “मैं राजनीति की नई दुल्हन हूं, थोड़ा शर्माता हूं, इसलिए आप लोगों से थोड़ा दूर रहता हूं। मुझे बोलने से ज्यादा काम करने पर विश्वास है।” मंत्री के इस चुटीले जवाब ने मऊ के चंद्रा इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पत्रकार मिलन समारोह को एक अलग ही चर्चा दे दी।
रविवार को आयोजित इस समारोह में जिले भर के पत्रकारों की मौजूदगी में मंत्री और मीडिया के बीच सीधा संवाद हुआ। पत्रकारों ने केवल औपचारिक सवालों तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि मंत्री की कार्यशैली और पत्रकारों के साथ उनके संवाद को लेकर भी सवाल उठाए। ‘पत्रकारों से भागते क्यों हैं?’ जैसे सीधे सवाल के जवाब में राजनीति की ‘नई दुल्हन’ वाला उनका बयान समारोह का सबसे चर्चित प्रसंग बन गया। मंत्री ने अपने जवाब में यह भी कहा कि वे प्रचार की अपेक्षा काम को प्राथमिकता देते हैं और अपनी पहचान कार्यों के माध्यम से बनाना चाहते हैं।
लेकिन इस समारोह में केवल सवाल-जवाब और ठहाके ही नहीं लगे, बल्कि पत्रकारों ने अपनी एक महत्वपूर्ण मांग भी पूरी मजबूती से उठाई। मऊ जिला मुख्यालय और मधुबन में पत्रकार भवन के निर्माण का मुद्दा मंत्री के सामने रखा गया। पत्रकारों का कहना था कि जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाले पत्रकारों के लिए जिले में ऐसा कोई स्थायी स्थान नहीं है, जहां वे बैठकर समाचार संकलन, विचार-विमर्श और संगठनात्मक गतिविधियां संचालित कर सकें।
पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकार भवन किसी व्यक्तिगत सुविधा का विषय नहीं, बल्कि पत्रकारिता के व्यवस्थित संचालन और आपसी समन्वय की आवश्यकता है। जिले में पत्रकारों की सक्रियता और उनकी सामाजिक भूमिका को देखते हुए दोनों स्थानों पर भवन का निर्माण आवश्यक है। इस मांग पर मंत्री ए.के. शर्मा ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि, उन्होंने निर्माण की स्वीकृति या समयसीमा को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की।
संवाद के दौरान मंत्री ने ऊर्जा और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारियों तथा प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था और शहरी विकास के क्षेत्र में सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका जोर इस बात पर रहा कि जनता के सामने काम का परिणाम दिखाई देना चाहिए, केवल दावों और प्रचार से विकास की वास्तविक तस्वीर नहीं बनती।
पत्रकार मिलन समारोह के बाद आयोजित कवि सम्मेलन ने आयोजन को साहित्यिक रंग प्रदान किया। प्रसिद्ध कवि पंकज प्रखर और डंडा बनारसी सहित अन्य कवियों ने हास्य, व्यंग्य, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को खूब आनंदित किया। समसामयिक परिस्थितियों पर उनकी व्यंग्यात्मक प्रस्तुतियों ने सभागार में ठहाके लगाए तो काव्य की गंभीर अभिव्यक्तियों ने श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने मुख्य अतिथि मंत्री ए.के. शर्मा, पत्रकारों और कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह की औपचारिकता भले ही समाप्त हो गई, लेकिन दो बातें चर्चा के केंद्र में रहीं—पत्रकारों का पत्रकार भवन के लिए उठाया गया सवाल और मंत्री का स्वयं को राजनीति की ‘नई दुल्हन’ बताने वाला जवाब। अब पत्रकारों को इंतजार है कि जिस सहजता से उनके सवालों का जवाब मिला, उसी गंभीरता से उनकी भवन निर्माण की मांग भी कब धरातल पर उतरती है।