सुंदरकांड के सामूहिक पाठ से गुंजायमान हुआ वातावरण, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं प्रखर बुद्धि हेतु हुई विशेष प्रार्थना

दैनिक इंडिया न्यूज़ मोहनलालगंज, लखनऊ।ज्येष्ठ मास के पावन सप्तम मंगल के शुभ अवसर पर वॉरियर डिफेंस अकादमी, मोहनलालगंज शाखा में महाबली संकटमोचन भगवान श्रीहनुमान की असीम अनुकम्पा एवं कृपाकटाक्ष से विशाल भंडारे, सामूहिक सुंदरकांड पाठ तथा भजन-संध्या का दिव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन संस्था के चैयरमैन गुलाब सिंह तथा जितेन्द्र प्रताप सिंह के भावपूर्ण प्रयास से संपन्न हुआ। संपूर्ण परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, श्रीराम नाम संकीर्तन तथा हनुमत् महिमा के जयघोष से अनुप्राणित एवं भक्तिरस से आप्लावित हो उठा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में श्रद्धालुओं, अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से भगवान श्रीहनुमान को अति प्रिय सुंदरकांड का श्रद्धापूर्वक पाठ पंडित ओंकार शांखधर के ओजस्वी सुरों के साथ कर राष्ट्र, समाज एवं युवा पीढ़ी के कल्याण की मंगलकामना की।

इस अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में उपस्थित समस्त अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को दिव्य प्रसाद का अत्यंत श्रद्धा, विनम्रता एवं भक्तिभाव के साथ वितरण किया गया। भंडारे का वातावरण सेवा, समर्पण एवं सनातन संस्कृति के आदर्श मूल्यों का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था।

अपने मीडिया उद्बोधन में जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भगवान श्रीहनुमान केवल बल, पराक्रम एवं साहस के ही प्रतीक नहीं, अपितु अद्वितीय बुद्धिमत्ता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, विनयशीलता तथा अटूट गुरुभक्ति के सर्वोच्च आदर्श हैं। वर्तमान पीढ़ी यदि हनुमानजी के चरित्र से प्रेरणा ग्रहण करे तो वह जीवन की प्रत्येक चुनौती, संघर्ष एवं विषम परिस्थिति का धैर्यपूर्वक सामना कर सकती है।

उन्होंने भगवान संकटमोचन के श्रीचरणों में विनम्र निवेदन करते हुए अकादमी के समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थान परिवार के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि अष्टसिद्धि एवं नव निधियों के दाता प्रभु श्रीहनुमान सभी विद्यार्थियों की बुद्धि को प्रखर, विवेक को जाग्रत, संकल्प को दृढ़ तथा चरित्र को उत्कृष्ट बनाएं, जिससे वे राष्ट्रसेवा, समाजोत्थान एवं मानवता के कल्याण में अपनी सार्थक भूमिका का निर्वहन कर सकें।

उन्होंने भावविभोर होकर कहा कि प्रभु श्रीहनुमान की कृपा से प्रत्येक विद्यार्थी में आत्मविश्वास, संयम, अनुशासन, परिश्रम एवं राष्ट्रभक्ति का दिव्य संचार हो तथा उनके जीवन से समस्त विघ्न-बाधाएं, मानसिक अवरोध एवं कठिनाइयां दूर हों। उन्होंने महाबली से प्रार्थना की कि वे सभी पर अपनी करुणा-दृष्टि बनाए रखें और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं कल्याण का संचार करें।

भजन-संध्या के दौरान प्रस्तुत हनुमान भक्ति से ओतप्रोत भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भावलोक में पहुंचा दिया। संपूर्ण कार्यक्रम भक्तिभाव, अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रनिष्ठ मूल्यों से परिपूर्ण रहा।
अंत में सामूहिक आरती एवं मंगलकामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे केवल धार्मिक आयोजन न मानकर युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण, मानसिक सुदृढ़ता एवं सांस्कृतिक जागरण का प्रेरणास्पद महोत्सव बताया।