अपराधियों को चेतावनी — “सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का सीधा यमराज करेंगे इंतज़ार”


“माफिया के सामने नतमस्तक थी सपा, अब यूपी विकास और सुरक्षा का राष्ट्रीय मॉडल” — मुख्यमंत्री
दीपक सिंह,दैनिक इंडिया न्यूज़, मधुबन (मऊ)।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जनपद की ऐतिहासिक एवं शहीदी धरती मधुबन से विकास, सुरक्षा और सुशासन का ऐसा शंखनाद किया, जिसकी गूंज केवल पूर्वांचल ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में लंबे समय तक सुनाई देगी। मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए 392 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 114 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनपद को विकास की अभूतपूर्व सौगात दी। कार्यक्रम स्थल पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का साक्षी बना कि प्रदेश की जनता अब विकास, सुरक्षा और राष्ट्रवाद की राजनीति के साथ दृढ़ता से खड़ी दिखाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने जनसभा में उपस्थित हजारों लोगों के उत्साह का अभिवादन करते हुए मऊ की महान सांस्कृतिक एवं क्रांतिकारी विरासत को नमन किया। उन्होंने महान साहित्यकार एवं क्रांतिकारी पंडित श्याम नारायण पांडेय, किसान आंदोलन के पुरोधा स्वामी सहजानंद सरस्वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कल्पनाथ राय तथा पूर्व राज्यपाल फागू चौहान का स्मरण करते हुए कहा कि यह धरती केवल इतिहास नहीं रचती, बल्कि राष्ट्र चेतना को दिशा देने का कार्य करती है। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसानों के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि जब जनता सही नेतृत्व का चयन करती है, तब सरकार केवल योजनाएं नहीं देती, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि सड़क, अस्पताल, पुल, पेयजल और सुरक्षा जैसी सुविधाएं जाति और मजहब देखकर नहीं दी जातीं, बल्कि सुशासन का उद्देश्य हर नागरिक तक समान अवसर पहुंचाना होता है। मुख्यमंत्री ने तीखे शब्दों में कहा कि जब गलत मानसिकता के लोग सत्ता में आते हैं, तब जनता की गाढ़ी कमाई पर डकैती पड़ती है, बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने जनपद मऊ के लिए स्वीकृत परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि 38 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनमें 10 प्रमुख सड़कें, पुल, पुलिस विभाग से जुड़ी अवस्थापना परियोजनाएं, ग्रामीण पेयजल योजनाएं, राजकीय पॉलिटेक्निक, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और आईटीआई जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। वहीं 76 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें ग्रामीण एवं मुख्य सड़कों के निर्माण, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, नगर विकास और पर्यटन संवर्धन से जुड़ी योजनाएं प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलना है।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए वर्ष 2005 के मऊ दंगों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस दौर में आस्था के केंद्रों और रामलीलाओं तक में व्यवधान डाला जाता था। सत्ता माफियाओं और अपराधियों के सामने नतमस्तक दिखाई देती थी। व्यापारी भय के साए में जीते थे, बेटियां विद्यालय जाने से डरती थीं और सूर्यास्त होते ही बाजारों में सन्नाटा पसर जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही दूसरे राज्यों के लोग संदेह और भय से पीछे हट जाते थे, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश के विकास, निवेश और कानून व्यवस्था का सबसे बड़ा रोल मॉडल बन चुका है।
मुख्यमंत्री का स्वर उस समय और अधिक प्रखर हो उठा जब उन्होंने अपराधियों और माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब किसी माफिया या गुंडे में इतना दुस्साहस नहीं कि वह खुलेआम हथियार लहराकर किसी व्यापारी, बेटी या निर्दोष नागरिक को धमका सके। उन्होंने कठोर शब्दों में कहा कि यदि किसी ने भी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने या बेटियों की ओर आंख उठाकर देखने का प्रयास किया, तो उसका सीधा रास्ता यमराज के दरबार तक तय होगा।

मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने वालों को भी स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि, रक्षाबंधन और माता की चौकियां पूरी भव्यता एवं उत्साह के साथ आयोजित होती हैं। यदि किसी ने भी इन पावन आयोजनों में खलल डालने का दुस्साहस किया, तो उसकी दुर्गति रावण और कंस की भांति निश्चित होगी। मुख्यमंत्री के इन शब्दों पर पूरा पंडाल जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के लिए केवल चार जातियां सर्वोपरि हैं — गरीब, युवा, किसान और महिलाएं। यदि इन चार वर्गों का सशक्तिकरण सुनिश्चित हो जाए, तो भारत को विश्व की महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर उनके शासनकाल में गरीबों को पक्के मकान, शौचालय, मुफ्त राशन और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से क्यों वंचित रखा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के 10 करोड़ से अधिक जरूरतमंद लोगों को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से मुफ्त उपचार की गारंटी प्राप्त है। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी किसान या बटाईदार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो सरकार का प्रतिनिधि 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार तक पहुंचकर पांच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही संवेदनशील शासन व्यवस्था एक सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहचान है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधान परिषद सदस्य बिछेलाल राजभर, विक्रांत सिंह ऋषु, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय, भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य, प्रवीण कुंवर सिंह शुभम, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती मल्ल, पूर्व मंत्री उत्पल राय, शंकर मद्धेशिया, राष्ट्रकुंवर सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मधुबन विधायक रामविलास चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मधुबन सहित पूरा पूर्वांचल विकास, सुरक्षा और सम्मान के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल प्रदेश के मुखिया नहीं, बल्कि हम सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के अभिभावक हैं। उनका जैसा मार्गदर्शन और आदेश होता है, हम उसी भावना के साथ पूरी निष्ठा एवं समर्पण से उसे धरातल पर उतारने का कार्य करते हैं। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज विकास, सुशासन और राष्ट्र गौरव का पर्याय बन चुका है तथा मधुबन की जनता स्वयं को सौभाग्यशाली मानती है कि उसे ऐसा नेतृत्व प्राप्त हुआ है।