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“कभी था ‘बीमारू’, आज बना विकास का ध्रुवतारा— मुख्यमंत्री”

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Dainik India News

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“कभी था ‘बीमारू’, आज बना विकास का ध्रुवतारा— मुख्यमंत्री”

“सुशासन, सुरक्षा और पारदर्शिता से बदली तस्वीर—उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक”

“आधारभूत संरचना, ग्रामोन्मुख विकास और अवसरों के विस्तार से सशक्त हुआ उत्तर प्रदेश—उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य”

दैनिक इंडिया न्यूज़ 18 मार्च 2026 लखनऊ। लोकभवन का वह क्षण केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के नवोदय की ऐतिहासिक गाथा का सजीव उद्घोष बन गया। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर उपस्थित हुए, तो उनके शब्दों में केवल उपलब्धियों का वर्णन नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यापक रूपांतरण की अनुगूंज थी, जिसने प्रदेश को निराशा से नवआत्मविश्वास और जड़ता से गतिशीलता की ओर अग्रसर कर दिया है। “कभी था ‘बीमारू’, आज बना विकास का ध्रुवतारा”—यह वाक्य जैसे ही उनके मुखारविंद से निकला, सभागार में उपस्थित प्रत्येक श्रोता उस परिवर्तन का साक्षी बन उठा।
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में यह रेखांकित किया कि यह परिवर्तन माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं “डबल इंजन सरकार” की समन्वित कार्यप्रणाली का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक विकास के साथ समन्वित करते हुए एक नवीन पहचान अर्जित की है—एक ऐसी पहचान, जो आत्मगौरव, विश्वास और प्रगति का समन्वित प्रतीक बन चुकी है।

विगत 09 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए, जिनमें 02 लाख 19 हजार पुलिस भर्तियाँ सम्मिलित हैं। यह केवल आंकड़ों की वृद्धि नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और आशा का संचार है। जहाँ कभी पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगता था, आज वही प्रक्रिया सुशासन की आदर्श मिसाल बन चुकी है।

सुरक्षा व्यवस्था में आए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण, फॉरेंसिक विज्ञान संस्थानों की स्थापना, साइबर सुरक्षा तंत्र का विस्तार तथा महिला पीएसी बटालियनों का गठन—ये सभी प्रयास प्रदेश में विश्वास और निर्भीकता का वातावरण निर्मित करने में सहायक सिद्ध हुए हैं। आज उत्तर प्रदेश में भय नहीं, बल्कि सुरक्षा का सशक्त अनुभव है—और यही सुशासन का वास्तविक प्रतिमान है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति ने प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर स्थापित किया है। देश के सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे, विस्तारित मेट्रो नेटवर्क, इनलैंड वाटर-वे तथा शीघ्र प्रारंभ होने वाला जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा—ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश अब विकास का अग्रणी केंद्र बन चुका है।

निवेश के क्षेत्र में आए परिवर्तन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और 31,000 से अधिक बड़े उद्योग प्रदेश में स्थापित हुए हैं। यह वही प्रदेश है, जहाँ कभी निवेशक आने से कतराते थे—आज वही निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।


इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नकलविहीन परीक्षाओं, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं तथा जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने प्रदेश को एक नई दिशा प्रदान की है। उनके अनुसार, “जनविश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।”

वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्रामोन्मुख विकास, सड़क संपर्क, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि “आज उत्तर प्रदेश का प्रत्येक गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है, और यही समग्र प्रगति का वास्तविक आधार है।” उनके वक्तव्य में ग्रामीण भारत के उत्थान का स्पष्ट संकल्प परिलक्षित हो रहा था।

कार्यक्रम में ‘नवनिर्माण के 09 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन तथा प्रदेश की सीमाओं पर निर्मित थीमैटिक स्वागत द्वारों का लोकार्पण इस बात का प्रतीक था कि यह यात्रा केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के सुदृढ़ निर्माण का भी संकल्प है।

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार सहित अनेक वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी गरिमामयी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम में सहभागी बने। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक व्यापकता एवं महत्व प्रदान किया।

जैसे-जैसे कार्यक्रम अपने समापन की ओर अग्रसर हुआ, यह स्पष्ट होता गया कि यह केवल 09 वर्षों की उपलब्धियों का विवरण नहीं, बल्कि एक ऐसे युग का प्रारंभ है, जिसमें उत्तर प्रदेश भारत के विकास का ध्रुवतारा बनकर उभर रहा है।

और अंततः यही प्रश्न प्रत्येक मन में गूंजता रहा—
क्या यह वही उत्तर प्रदेश है?
उत्तर स्पष्ट है—
यह वही है, पर अब यह बदला हुआ है…
यह अब संभावनाओं का नहीं, बल्कि उपलब्धियों का प्रदेश है।

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