बाढ़ से पहले सुरक्षा कवच को अभेद्य बनाने की तैयारी तेज, अधिकारियों को 'अलर्ट मोड' में रहकर हर गतिविधि पर सतर्क निगरानी का आदेश

दैनिक इंडिया न्यूज़, मधुबन (मऊ)।संभावित बाढ़ की चुनौती से जनपद को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने गुरुवार को ग्राम धर्मपुर बिशनपुर (विंटोलिया) के समीप संचालित कटाव रोधी एवं बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही अक्षम्य होगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण सतर्कता के साथ 'अलर्ट मोड' में रहकर प्रत्येक गतिविधि पर निरंतर निगरानी रखें।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कटाव रोधी एवं सुरक्षात्मक मरम्मत कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि वर्तमान में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है तथा तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बावजूद संभावित परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक एवं मरम्मत कार्य निरंतर गति से संचालित किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि जनपद के सभी तटबंधों, बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं एवं संवेदनशील स्थलों की चौबीसों घंटे नियमित एवं सघन निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों, मानवबल एवं तकनीकी व्यवस्थाओं को हर समय सक्रिय रखा जाए।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी मधुबन को प्रतिदिन बाढ़ की स्थिति, नदी के जलस्तर तथा सुरक्षा परियोजनाओं की प्रगति का नियमित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता (जेई) को उप जिलाधिकारी के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए सभी बाढ़-पूर्व तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने विंटोलिया टोला पहुंचकर स्थानीय परिस्थितियों का भी गहन अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ से आए विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर संभावित बाढ़ के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम करने की रणनीति पर विस्तृत मंथन किया। बैठक में विशेषज्ञों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन सुझावों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर, अपर जिलाधिकारी प्रवीण कुमार, उप जिलाधिकारी मधुबन दीपक कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई संजय सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।