चित्रकूट में विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की दोटूक चेतावनी; मंदाकिनी पुनर्जीवन से लेकर फ्रंट कॉरिडोर तक कई महत्त्वपूर्ण निर्णय

दैनिक इंडिया न्यूज़ 08 जुलाई 2026 चित्रकूट।चित्रकूट प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट संदेश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में शिथिलता, कानून-व्यवस्था में लापरवाही तथा भू-माफिया, तस्करी और संगठित अपराध के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास की गति और सुशासन की विश्वसनीयता किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि राजापुर क्षेत्र में प्रस्तावित फ्रंट कॉरिडोर का विस्तृत एवं व्यवहार्य प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने मंदाकिनी नदी के पुनरुत्थान के लिए वैज्ञानिक, दीर्घकालिक और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट की आध्यात्मिक गरिमा तभी अक्षुण्ण रह सकती है, जब उसकी प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण समान गंभीरता से किया जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने रामघाट स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर क्षेत्र में जल संरक्षण हेतु बांध निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिससे वर्षभर श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रह सके। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर बल देते हुए छोटी धर्मशालाओं के सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता भी रेखांकित की, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
विकास समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न सड़क परियोजनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में चित्रकूट ने विकास, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, किंतु विकास की यात्रा निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के मानकों पर खरी उतरनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए सभी पेयजल परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन की आत्मा है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पैमाइश, नामांतरण एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का भी त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री का रुख अत्यंत स्पष्ट और कठोर दिखाई दिया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, थाना व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने मिशन शक्ति के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में महिलाओं से नियमित संवाद, शहरी क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क के व्यापक विस्तार तथा तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं, तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर अभियान चलाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कोर ग्रुप की नियमित बैठक आयोजित कर कानून-व्यवस्था की सतत समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में निवेश, पर्यटन और विकास का वातावरण तभी सुदृढ़ होगा, जब कानून का राज हर स्तर पर दृढ़ता से स्थापित रहेगा।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम मंडल, बाँदा के लोक निर्माण विभाग की लंबित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में ग्रामीण मार्गों के पुनर्निर्माण, नवीन सड़कों के निर्माण, जिला मार्गों एवं राजमार्गों के चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, बाईपास, सड़क सुरक्षा उपायों तथा लघु एवं दीर्घ सेतु निर्माण की कार्ययोजनाओं को अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रदेश की प्रत्येक सड़क गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और गड्ढामुक्त होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा तथा सभी परियोजनाएँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराई जाएँ। मुख्यमंत्री का यह स्पष्ट संदेश था कि उत्तर प्रदेश का विकास केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि कठोर प्रशासनिक अनुशासन, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन से सुनिश्चित होगा।
बैठक में लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह, जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह सेंगर, बाबूलाल तिवारी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।