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भाई की जान बचाने के लिए मौत से भिड़ीं दो सगी बहनें, घाघरा की तेज धारा में हुईं लापता; भाई सकुशल बचा

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भाई की जान बचाने के लिए मौत से भिड़ीं दो सगी बहनें, घाघरा की तेज धारा में हुईं लापता; भाई सकुशल बचा

एकादशी स्नान के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, पूरे गांव में पसरा मातम; बचाव दल चला रहा सर्च अभियान

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दैनिक इंडिया न्यूज़, मधुबन (मऊ)।

मधुबन थाना क्षेत्र के गजियापुर गांव में बुधवार को मानवता, साहस और भाई-बहन के अटूट प्रेम की एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एकादशी के पावन अवसर पर घाघरा नदी में स्नान करने गए परिवार के सबसे छोटे बेटे को डूबता देख उसकी दो सगी बहनें बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ीं। दोनों बहनों ने अपने भाई की जान तो बचा ली, लेकिन स्वयं घाघरा की तेज धारा में समा गईं। देर शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चल सका था, जिससे पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार गजियापुर निवासी रामबिलास का परिवार एकादशी स्नान के लिए गांव के अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से घाघरा नदी के तट पर पहुंचा था। बताया जाता है कि लगभग 20 से 25 लोग स्नान के लिए नदी किनारे मौजूद थे। इसी दौरान परिवार का सबसे छोटा पुत्र अभय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। नदी में उठती चीख-पुकार के बीच जब उसकी बहनों की नजर भाई पर पड़ी तो उन्होंने एक पल का भी विलंब नहीं किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सबसे पहले छोटी बहन दिव्या (12 वर्ष) अपने भाई को बचाने के लिए नदी में उतरी। उसने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह अपने भाई को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन स्वयं गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गई। अपनी छोटी बहन को संघर्ष करते देख बड़ी बहन प्रियांशु यादव (20 वर्ष) भी उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ी। दुर्भाग्यवश घाघरा की तीव्र धारा दोनों बहनों पर भारी पड़ गई और देखते ही देखते दोनों पानी में लापता हो गईं।

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कुछ ही क्षणों में खुशियों से भरा एक पारिवारिक धार्मिक आयोजन चीख-पुकार और मातम में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी तट पर पहुंच गए और अपने स्तर से तलाश शुरू कर दी। हालांकि घंटों की खोजबीन के बाद भी दोनों बहनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी मधुबन दिनेश दत्त मिश्रा एवं थाना प्रभारी कृष्ण कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा परिजनों और ग्रामीणों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया।

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही पुलिस एवं राहत-बचाव दल को मौके पर भेजा गया। गोताखोरों और स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों युवतियों की तलाश लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि गांव से घाघरा नदी की दूरी लगभग साढ़े तीन किलोमीटर है और घटना स्नान के दौरान हुई। प्रशासन द्वारा हर संभव संसाधन लगाकर सर्च अभियान संचालित किया जा रहा है।

गजियापुर की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, त्याग और साहस की ऐसी मार्मिक कहानी बन गई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। जिस भाई को बचाने के लिए दोनों बहनों ने अपनी जान की परवाह नहीं की, वह आज सुरक्षित है, लेकिन उसे बचाने वाली दोनों बहनें अभी भी घाघरा की अथाह लहरों में लापता हैं। पूरा गांव और परिवार अब उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में नदी किनारे टकटकी लगाए बैठा है।

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