राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित भंडारों में पहुंचे आनंद द्विवेदी, श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया प्रसाद

हनुमान भक्ति, लोकसेवा और सामाजिक एकता के महापर्व में उमड़ा जनसैलाब
दैनिक इंडिया न्यूज़ ,16 जून 2026 लखनऊ। ज्येष्ठ मास के पावन बड़े मंगल पर राजधानी लखनऊ एक बार फिर श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के अनुपम रंग में रंगी दिखाई दी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित विशाल भंडारों में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि बड़े मंगल केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, लोककल्याण और मानवीय सेवा का विराट उत्सव है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने विभिन्न भंडारा स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया तथा भगवान हनुमान के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
बड़े मंगल के अवसर पर आनंद द्विवेदी ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लाला लाजपत राय वार्ड में पार्षद राधव राम द्वारा आयोजित भव्य भंडारे में सहभागिता की। यहां उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए प्रसाद वितरण किया और आयोजन में जुटे कार्यकर्ताओं के सेवा भाव की सराहना की। भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत वातावरण में बजरंगबली के जयघोष निरंतर गूंजते रहे, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित दिखाई दिया।
इसके उपरांत वे गोमती नगर स्थित चिनहट द्वितीय वार्ड पहुंचे, जहां पार्षद शैलेंद्र वर्मा द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अनुशासित एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही थी।
आनंद द्विवेदी ने भूतनाथ मार्केट सर्राफा एसोसिएशन द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में भी सहभागिता कर सेवा कार्यों में योगदान दिया। इसके पश्चात उन्होंने पुराना किला क्षेत्र में अनिकेत तिवारी एवं बाबू तिवारी द्वारा आयोजित भव्य भंडारे में पहुंचकर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया। प्रत्येक स्थल पर उपस्थित जनसमूह में भगवान हनुमान के प्रति अटूट आस्था, उत्साह और श्रद्धा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी।
इस अवसर पर आनंद द्विवेदी ने कहा कि बड़े मंगल का पर्व भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जिसमें सेवा को साधना और मानवता को सर्वोच्च धर्म माना गया है। भगवान हनुमान त्याग, समर्पण, पराक्रम और निस्वार्थ सेवा के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनके आदर्श समाज को एकजुट करने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि भंडारे केवल प्रसाद वितरण का माध्यम नहीं होते, बल्कि सामाजिक समरसता और पारस्परिक सद्भाव के सशक्त केंद्र भी होते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आत्मीयता, सहयोग और एकता की भावना मजबूत होती है। यही भारतीय संस्कृति की वास्तविक शक्ति है, जिसने सदियों से समाज को जोड़ने और मानव मूल्यों को सशक्त बनाने का कार्य किया है।
महानगर अध्यक्ष ने सभी आयोजकों, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निस्वार्थ सेवा का यह भाव ही सनातन संस्कृति की आत्मा है। बड़े मंगल के अवसर पर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित भंडारों ने यह संदेश दिया कि जब आस्था और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की भावना स्वतः विकसित होती है। भगवान हनुमान की कृपा से प्रेरित ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।