लखनऊ में राष्ट्रव्यापी संकल्प कार्यक्रम के माध्यम से नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता का संदेश; पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की उपस्थिति में महिलाओं, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प दोहराया।
दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली। देश की युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने और सामाजिक जीवन को नशे के दुष्परिणामों से मुक्त करने की दिशा में जनभागीदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से रविवार, 1 नवंबर 2026 को लखनऊ के बहादुरपुर, कुर्सी रोड पर राष्ट्रव्यापी संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की उपस्थिति ने नशामुक्ति के सामाजिक अभियान के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने तथा परिवार से लेकर समाज तक जागरूकता का वातावरण निर्मित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में राकेश रावत, सतीश और जय प्रकाश रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। आयोजक अतुल रावत, राजकुमारी रावत, राज रावत और दीपक रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। अवधेश कुमार, अभिषेक कुमार, देशराज और अजीत के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को सामुदायिक सहभागिता का स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान नशे की लत से उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत करते हुए विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इसकी गिरफ्त में आने से बचाने पर बल दिया गया। वक्ताओं की ओर से किसी विशिष्ट उद्धरण का विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन आयोजन का मूल संदेश स्पष्ट रहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल व्यक्तिगत प्रयासों तक सीमित नहीं हो सकता; इसके लिए परिवार, समाज और नागरिक संगठनों की सामूहिक सक्रियता आवश्यक है।
आयोजकों ने सामाजिक जागरूकता को नशामुक्ति अभियान की आधारशिला बताते हुए युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और परिवारों को इस दिशा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि नशे के विरुद्ध संघर्ष केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का दायित्व नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व है।
नशामुक्त भारत का संकल्प इसी व्यापक सोच के साथ दोहराया गया कि जागरूक परिवार, उत्तरदायी समाज और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी ही नशे के विरुद्ध जनचेतना को स्थायी सामाजिक अभियान में परिवर्तित कर सकती है।