यज्ञ के माध्यम से राष्ट्रहित, सामाजिक सहभागिता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प; तिघरा धाम की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन विकास के प्रति भी जागरूक हुए स्थानीय नागरिक

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।मऊ के तिघरा धाम में आयोजित ‘सेवा संकल्प महायज्ञ’ केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को स्वर देने का अवसर बना। जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, मऊ के सौजन्य से आयोजित इस महायज्ञ में करीब 200 स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हुए इस आयोजन में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प व्यक्त किया। सामाजिक एकजुटता, सेवा भावना, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर नागरिकों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विकास के व्यापक लक्ष्य को जनभागीदारी के बिना स्थायी रूप नहीं दिया जा सकता।
महायज्ञ में शामिल स्थानीय नागरिकों को विकसित भारत के लक्ष्य में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका के महत्व से भी अवगत कराया गया। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाज और देश के विकास को गति देने तथा अपने आसपास के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।
आयोजन का एक महत्वपूर्ण पक्ष तिघरा धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा रहा। स्थानीय नागरिकों को क्षेत्र की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के प्रति भी जागरूक किया गया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों के संरक्षण को क्षेत्रीय विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
‘सेवा संकल्प महायज्ञ’ का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हुए विकास के सामूहिक संकल्प में सहभागी बनाना रहा। आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने जनसहभागिता की भावना को रेखांकित किया और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया।