अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर वरिष्ठजनों से आत्मीय संवाद, मिष्ठान-वस्त्र वितरित; नेत्र परीक्षण के बाद जरूरतमंद बुजुर्गों को मिले चश्मे, बच्चों के नुक्कड़ नाटक ने नई पीढ़ी को दिखाया रिश्तों का आईना

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर गुरुवार को मोहम्मदाबाद गोहना स्थित वृद्ध आश्रम में रिश्तों की बदलती तस्वीर और संवेदना की जरूरत एक साथ दिखाई दी। जिलाधिकारी आनंद वर्धन जब आश्रम पहुंचे तो उन्होंने वहां निवासरत वरिष्ठजनों से केवल औपचारिक मुलाकात नहीं की, बल्कि उनके बीच बैठकर हाल-चाल जाना, उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को समझा तथा आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बुजुर्गों को मिष्ठान एवं वस्त्र वितरित किए और उनसे आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात ने वृद्ध दिवस के आयोजन को एक मानवीय संवाद में बदल दिया।

आश्रम में रहने वाले वरिष्ठजनों से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने उनकी दैनिक आवश्यकताओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने वरिष्ठजनों को आश्वस्त किया कि उनके सुख-दुख में सहभागी बने रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उनसे मिलने के लिए आश्रम आते रहेंगे। बुजुर्गों के साथ यह आत्मीयता उस सामाजिक जिम्मेदारी की ओर भी संकेत करती रही, जो उम्र के अंतिम पड़ाव पर सबसे अधिक अपेक्षित होती है।

कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण उस समय आया, जब स्कूली बच्चों ने वर्तमान समय में बुजुर्गों के प्रति बदलते पारिवारिक व्यवहार पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में उन परिस्थितियों को सामने रखा गया, जब कई बुजुर्ग अपने ही बच्चों से दूर होकर वृद्ध आश्रम पहुंच जाते हैं और नई पीढ़ी व्यस्तताओं के बीच माता-पिता के लिए समय तक नहीं निकाल पाती। बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भीतर तक झकझोर दिया और कई आंखें नम हो गईं।
संवेदना के साथ स्वास्थ्य की जरूरत को भी कार्यक्रम में स्थान मिला। आश्रम में निवासरत ऐसे वरिष्ठजनों का नेत्र परीक्षण कराया गया, जिन्हें दृष्टि संबंधी परेशानी थी। चिकित्सकीय जांच के बाद जरूरतमंद बुजुर्गों को जिलाधिकारी ने चश्मे प्रदान किए। चश्मा मिलने के बाद बुजुर्गों के चेहरों पर दिखाई दी प्रसन्नता ने कार्यक्रम के मानवीय पक्ष को और गहरा कर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान और देखभाल किसी एक दिवस की औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। यह परिवार और समाज की निरंतर जिम्मेदारी है। उन्होंने नई पीढ़ी से वरिष्ठजनों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी मोहम्मदाबाद गोहना अर्चना अग्निहोत्री, तहसीलदार मोहम्मदाबाद गोहना, जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।