विधायक पंकज सिंह के नेतृत्व में श्रद्धा, उल्लास और राष्ट्रभावना का भव्य समागम; ‘आशीर्वाद के दीप’ से आलोकित हुआ वेदवन, जितेंद्र प्रताप सिंह एवं वंदना त्रिपाठी ने भी की मंगलकामना

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर नोएडा का वेदवन गुरुवार को दीपशिखाओं के आलोक, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक मंगलकामनाओं का केंद्र बन गया। नोएडा के विधायक पंकज सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों ने सहभागिता करते हुए प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की। ‘आशीर्वाद के दीप’ प्रज्वलित किए जाने के साथ ही आयोजन ने ऐसा भावात्मक स्वरूप ग्रहण किया, जिसमें जन्मदिवस का उल्लास वैदिक-सांस्कृतिक परिवेश और सामूहिक प्रार्थना के साथ एकाकार होता दिखाई दिया।

इस आयोजन का स्थल स्वयं अपनी सांस्कृतिक अवधारणा के कारण विशेष महत्व रखता है। सेक्टर-78 स्थित वेदवन को चारों वेदों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—की वैदिक परंपरा को केंद्र में रखकर विकसित किया गया है। पार्क में चारों वेदों से संबंधित विषय-वस्तु, वैदिक साहित्य की झलकियां और भारतीय ऋषि-परंपरा को अभिव्यक्त करने वाले स्थापत्य एवं दृश्यात्मक तत्व प्रस्तुत किए गए हैं। इसीलिए वेदवन में प्रज्वलित दीप केवल किसी आयोजन की औपचारिक ज्योति नहीं रह जाते, बल्कि उस सांस्कृतिक परिवेश में वे ज्ञान, चेतना और मंगलकामना के प्रतीक के रूप में अर्थ ग्रहण करते हैं।

विधायक पंकज सिंह ने स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ‘आशीर्वाद के दीप’ प्रज्वलित किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोग्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की। दीपों की उज्ज्वल पंक्तियों के बीच उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन के लिए सामूहिक प्रार्थना की। इसी क्रम में राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना की।

कार्यक्रम में नोएडा प्राधिकरण की एसीओ वंदना त्रिपाठी ने भी दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वास्थ्य एवं दीर्घ जीवन के लिए प्रार्थना की। उपस्थित जनों ने प्रभु श्रीराम के चरणों में प्रधानमंत्री के आरोग्य, दीर्घायु तथा राष्ट्रहित में निरंतर सेवा-साधना के लिए मंगलकामना अर्पित की। दीपप्रज्वलन की यह सामूहिक अनुभूति उस क्षण और अधिक अर्थवान हो उठी, जब उसके पीछे वेदों और ऋषि-परंपरा को समर्पित वही सांस्कृतिक परिसर विद्यमान था।

वेदवन की संरचना भी भारतीय ज्ञान-परंपरा को आधुनिक सार्वजनिक परिवेश से जोड़ने की एक विशिष्ट अवधारणा प्रस्तुत करती है। यहां वैदिक साहित्य से प्रेरित दृश्यांकन के साथ सप्तऋषियों को समर्पित क्षेत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विकसित की गई हैं। इस प्रकार यह परिसर केवल हरित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय ज्ञान, प्रकृति और सांस्कृतिक स्मृति के सार्वजनिक परिचय-स्थल के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखता है।
विधायक पंकज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन्मदिवस केवल हर्षोल्लास का अवसर नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अपने संकल्प को पुनः सुदृढ़ करने का अवसर भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घ एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।
वेदवन में प्रज्वलित दीपों की श्रृंखला ने आयोजन को एक विशिष्ट सांस्कृतिक आयाम प्रदान किया। चार वेदों की ज्ञान-परंपरा से जुड़े इस परिसर में दीपशिखाओं का आलोक मानो ज्ञान और आस्था, परंपरा और समकालीनता तथा व्यक्तिगत मंगलकामना और राष्ट्रहित की भावना के बीच एक सांकेतिक सेतु बन गया। यही वह भाव था जिसने कार्यक्रम को सामान्य जन्मदिवस आयोजन से अलग एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति प्रदान की।
कार्यक्रम में दिखाई दिया उत्साह केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता ने इसे सामूहिक शुभेच्छा का स्वर दिया। वेदवन की वैदिक पृष्ठभूमि के बीच प्रज्वलित दीपों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए व्यक्त मंगलकामनाओं को एक ऐसी दृश्यात्मक अभिव्यक्ति दी, जिसमें सनातन सांस्कृतिक परंपरा की स्मृति और वर्तमान समय की जनसहभागिता एक साथ दिखाई दी।
दीपों की स्वर्णिम आभा के मध्य वेदवन का वातावरण देर तक मंगलभाव से अनुप्राणित रहा। चार वेदों की सांस्कृतिक स्मृति को अपने भीतर संजोए इस परिसर में प्रज्वलित ‘आशीर्वाद के दीप’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घ एवं मंगलमय जीवन की सामूहिक प्रार्थना के साक्षी बने—और साथ ही उस भारतीय परंपरा की भी, जिसमें दीप केवल प्रकाश नहीं, बल्कि ज्ञान, आशा और शुभारंभ का शाश्वत प्रतीक माना जाता है।