ब्रेकिंग न्यूज़
अभियंता दिवस पर आगे कौन, पीछे कौन? | पंकज सिंह से मिले जितेन्द्र प्रताप सिंह, नोएडा कार्यक्रम में सपरिवार सहभागिता का आमंत्रण | गौ सेवा आयोग में नई जिम्मेदारी, भानु प्रकाश पांडेय का मधुबन में जोरदार स्वागत | मोदी के जन्मदिन पर गोमती तट पर उतरेगा भोजपुरी समाज | सड़क किनारे कचरे का पहाड़ देख हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को स्थायी समाधान का आदेश | ₹5 लाख का इलाज, ₹5 लाख की कल्याण निधि, 900 नई अदालतें—योगी ने खोला न्याय का नया अध्याय | पद्मश्री डॉ. एस. सी. राय की धर्मपत्नी श्रीमती मधु राय का निधन, शोक की लहर | हिंदी केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है—अब इसे जीवन और व्यवस्था की भाषा बनाने का समय | अभियंता दिवस पर आगे कौन, पीछे कौन? | पंकज सिंह से मिले जितेन्द्र प्रताप सिंह, नोएडा कार्यक्रम में सपरिवार सहभागिता का आमंत्रण | गौ सेवा आयोग में नई जिम्मेदारी, भानु प्रकाश पांडेय का मधुबन में जोरदार स्वागत | मोदी के जन्मदिन पर गोमती तट पर उतरेगा भोजपुरी समाज | सड़क किनारे कचरे का पहाड़ देख हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को स्थायी समाधान का आदेश | ₹5 लाख का इलाज, ₹5 लाख की कल्याण निधि, 900 नई अदालतें—योगी ने खोला न्याय का नया अध्याय | पद्मश्री डॉ. एस. सी. राय की धर्मपत्नी श्रीमती मधु राय का निधन, शोक की लहर | हिंदी केवल भाषा नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है—अब इसे जीवन और व्यवस्था की भाषा बनाने का समय |
हाइलाइट न्यूज़
नोएडा में हीट वेव से 75 शव पहुंचे पोस्टमार्टम हाउस प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘खेलो इण्डिया’ कार्यक्रम प्रारम्भ कराया: मुख्यमंत्री “संस्कारवान पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का आधार” – वशिष्ठ जो मजा जेई के पद में है वह सहायक अभियंता में नहीं भारतीय जाट सभा लखनऊ द्वारा चौधरी चरण सिंह की जयंती पर गरिमामय आयोजन संस्कृत राष्ट्रचेतना की प्राणवाहिनी, इसके संवर्धन हेतु समर्पित है संस्कृतभारती : जितेन्द्र प्रताप सिंह सैटेलाइट से प्राप्त चित्रों के आधार पर रु० 2500-2500 का लगाया गया अर्थदण्ड यूपी विधानसभा के पूर्व स्पीकर पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार नोएडा में हीट वेव से 75 शव पहुंचे पोस्टमार्टम हाउस प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘खेलो इण्डिया’ कार्यक्रम प्रारम्भ कराया: मुख्यमंत्री “संस्कारवान पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का आधार” – वशिष्ठ जो मजा जेई के पद में है वह सहायक अभियंता में नहीं भारतीय जाट सभा लखनऊ द्वारा चौधरी चरण सिंह की जयंती पर गरिमामय आयोजन संस्कृत राष्ट्रचेतना की प्राणवाहिनी, इसके संवर्धन हेतु समर्पित है संस्कृतभारती : जितेन्द्र प्रताप सिंह सैटेलाइट से प्राप्त चित्रों के आधार पर रु० 2500-2500 का लगाया गया अर्थदण्ड यूपी विधानसभा के पूर्व स्पीकर पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार
मध्य प्रदेश English

ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय वायुसेना की सटीक स्ट्राइक ने आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया, बहावलपुर में जैश का मुख्यालय राख

D

Dainik India News

5325 views
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय वायुसेना की सटीक स्ट्राइक ने आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया, बहावलपुर में जैश का मुख्यालय राख

मुख्य बिंदु:

पीओके और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत का निर्णायक प्रहार

प्रेसिजन स्ट्राइक वेपन सिस्टम (PSWS) से हुए हमले ने किया आतंक का सफाया

आम नागरिकों को बिना नुकसान पहुँचाए सीमित और सफल सैन्य कार्रवाई

दैनिक इंडिया न्यूज़ नई दिल्ली।कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष भारतीय पर्यटकों पर हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर बीती रात सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें से 5 ठिकाने पीओके में और 4 पंजाब प्रांत में स्थित थे। बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया। साथ ही मसूद अजहर और हाफिज सईद से जुड़े ट्रेनिंग कैंप भी मलबे में तब्दील हो गए।

यह रणनीतिक कार्रवाई भारतीय वायुसेना द्वारा प्रेसिजन स्ट्राइक वेपन सिस्टम (PSWS) के इस्तेमाल से की गई, जिसने सैन्य तकनीक के उच्चतम मानकों पर खरा उतरते हुए दुश्मन को करारा संदेश दिया। इस अत्याधुनिक प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता है—सटीकता, कम से कम कोलैटरल डैमेज और ऑपरेटर की सुरक्षा।

तकनीकी ताकत से आतंक का अंत

PSWS एक मल्टी-गाइडेंस सिस्टम है जिसमें GPS, लेजर, रडार और इन्फ्रारेड तकनीकों का समन्वय होता है। इससे मिसाइल सीधे टारगेट की सबसे संवेदनशील जगह को भेदती है। भारतीय वायुसेना के सुखोई और मिग जैसे लड़ाकू विमानों से लॉन्च की गई मिसाइलें बहावलपुर, कोटली, मुरीदके, बाघ और मुजफ्फराबाद स्थित आतंकी ठिकानों पर कहर बनकर टूट पड़ीं। खास बात यह रही कि हमले इतने सटीक थे कि आसपास के नागरिक क्षेत्रों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

इंटेलिजेंस और स्ट्राइक का बेजोड़ तालमेल

इस कार्रवाई में ड्रोन, सैटेलाइट, ग्राउंड रडार और ISR सिस्टम की मदद से रीयल टाइम टारगेटिंग की गई। हमले का समय, कोण और ऊंचाई हर पल डेटा के ज़रिये अपडेट होती रही, जिससे हर मिसाइल ने अधिकतम प्रभाव डाला। कम मिसाइलों से ज़्यादा विनाश—यह भारत की सैन्य योजना की परिपक्वता और तकनीकी श्रेष्ठता का परिचायक है।

भारत का स्पष्ट संदेश: आतंक का अंत तय है

ऑपरेशन सिंदूर न केवल सैन्य सफलता है, बल्कि यह एक स्पष्ट राजनैतिक और नैतिक संदेश भी है—भारत न तो आतंक को सहन करेगा और न ही अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता करेगा। यह कार्रवाई न केवल आतंकी तंत्र को तोड़ने के लिए थी, बल्कि यह भी बताती है कि भारत सीमित और सटीक वार से दुश्मन की कमर तोड़ सकता है।

भारतीय वायुसेना और सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्यवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो भारत अपने शत्रुओं को जवाब देने में न तो पीछे रहता है और न ही समय गंवाता है। ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय सैन्य इतिहास में तकनीकी पराक्रम और रणनीतिक सफलता का एक नया अध्याय है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!