951 करोड़ की विकास-वर्षा से बदलेगा चित्रकूट का भविष्य, 124 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास; आस्था, पर्यटन और औद्योगिक विकास को मिली नई गति

दैनिक इंडिया न्यूज़ 08जुलाई 2026,चित्रकूट।भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की विकास नीति और सुशासन की दिशा पर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि "उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, माफियावाद, अराजकता और विकास में अवरोध उत्पन्न करने वाली प्रवृत्तियों के लिए कोई स्थान नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विकास को गति देने के साथ-साथ पारदर्शी प्रशासन, कानून के शासन और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने जनपद में 951 करोड़ रुपये की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट भारत की पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा केंद्र है, जिसकी पहचान केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रदेश सरकार इसे आधुनिक अवसंरचना, विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं से समृद्ध कर एक ऐसे मॉडल जनपद के रूप में विकसित कर रही है, जहाँ विरासत और विकास समान गति से आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि मंदाकिनी नदी, रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा, महर्षि वाल्मीकि एवं गोस्वामी तुलसीदास से जुड़े स्थलों का व्यापक सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। साथ ही रानीपुर टाइगर रिजर्व, ईको-टूरिज्म परियोजनाएँ और पर्यटन अवसंरचना चित्रकूट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के रणनीतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ विकसित किया गया डिफेन्स कॉरिडोर क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चित्रकूट "शस्त्र और शास्त्र" दोनों का संगम बनेगा, जहाँ आध्यात्मिक परंपरा और आधुनिक रक्षा उत्पादन एक साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि चित्रकूट का एयरपोर्ट शीघ्र ही नियमित वायुसेवा के माध्यम से दिल्ली और लखनऊ से जुड़ जाएगा, जबकि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पहले ही इस क्षेत्र के विकास का प्रमुख आधार बन चुका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भौरी मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, विभिन्न नदियों पर सेतु एवं संपर्क मार्ग, अर्बन उद्यमिता प्रशिक्षण विकास केंद्र, विद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, पर्यटन परियोजनाओं तथा तुलसी स्मारक उपवन सहित अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ ही स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, नए विद्यालय भवनों, कृषि विज्ञान केंद्र की आधुनिक प्रयोगशालाओं, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों, रामघाट एवं कामदगिरि पर्यटन विकास तथा रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ईको-टूरिज्म से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित चित्रकूट केवल निर्माण कार्यों से नहीं बनेगा, बल्कि इसकी आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक अस्मिता और प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ आधुनिक विकास का संतुलित मॉडल स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की आधारशिला विकसित उत्तर प्रदेश है, और विकसित उत्तर प्रदेश का भविष्य ऐसे ही जनपदों की समग्र प्रगति में निहित है।
कार्यक्रम में लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह, विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह सेंगर, बाबूलाल तिवारी, विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।