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IBM एआई गवटेक इनोवेशन सेंटर का लोकार्पण : उत्तर प्रदेश प्रौद्योगिकी नवोन्मेष की ओर अग्रसर

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IBM एआई गवटेक इनोवेशन सेंटर का लोकार्पण : उत्तर प्रदेश प्रौद्योगिकी नवोन्मेष की ओर अग्रसर

Yogi Adityanath की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार एवं आईबीएम के मध्य दो सहमति-पत्रों का आदान-प्रदान

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दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ, 22 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में आईबीएम एआई गवटेक इनोवेशन सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन एवं आईबीएम के मध्य दो महत्वपूर्ण सहमति-पत्रों (एमओयू) का आदान-प्रदान सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान ‘यू0पी0 डिजिटल गवर्नेन्स’ तथा आईबीएम की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु चलचित्र का भी प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi की दूरदर्शी एवं प्रेरक नेतृत्व क्षमता के परिणामस्वरूप भारत ने समग्र एवं संतुलित विकास की नवीन आधारशिला स्थापित की है। विगत ग्यारह वर्षों में अधोसंरचना एवं गहन प्रौद्योगिकी (डीप टेक) के क्षेत्र में भारत ने जो अभूतपूर्व प्रगति अर्जित की है, वह विश्व समुदाय के लिए आश्चर्य और जिज्ञासा का विषय है।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार लखनऊ को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नगर के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पबद्ध है। यदि आईबीएम इस दिशा में सक्रिय सहयोग प्रदान करे, तो यह पहल तीव्र गति से मूर्त रूप ग्रहण कर सकेगी।

मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि आईबीएम ने IIT Kanpur में देश के प्रथम संगणक की स्थापना में ऐतिहासिक योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि क्वांटम संगणन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की दावेदारी सुदृढ़ एवं संभावनापूर्ण है। राज्य सरकार, आईआईटी कानपुर एवं आईबीएम संयुक्त रूप से इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सहयोग प्रधानमंत्री के प्रौद्योगिकी-संपन्न भारत के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में वर्तमान समय में विविध क्षेत्रों में सात उत्कृष्टता केंद्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में लखनऊ स्थित Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (एसजीपीजीआई) तथा आईआईटी कानपुर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहे हैं। राज्य सरकार मेडटेक के क्षेत्र में भी आईआईटी कानपुर के साथ समन्वित प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल भारत की उपलब्धियाँ आज वैश्विक मंचों पर प्रतिष्ठापूर्वक प्रतिपादित हो रही हैं। नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में विश्व नेताओं ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को डिजिटल पहचान प्राप्त हुई है, लगभग 50 करोड़ नागरिक आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित हो रहे हैं तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से करोड़ों परिवारों को पारदर्शी बैंकिंग व्यवस्था के अंतर्गत योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।


मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि गौतमबुद्धनगर जनपद में प्रदेश की प्रथम सेमीकंडक्टर इकाई की आधारशिला रखी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट में रोबोटिक्स उत्कृष्टता केंद्र हेतु धन का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए भी उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने प्रौद्योगिकी-आधारित सुशासन के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी महामारी दशकों तक चुनौती बनी रही। आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण के उपरांत यह स्पष्ट हुआ कि स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता के अभाव वाले क्षेत्रों में यह रोग अधिक प्रचलित था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत अभियान एवं जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई।

इसी प्रकार शिक्षा क्षेत्र में ड्रॉपआउट दर के कारणों का विश्लेषण करने पर यह तथ्य उद्घाटित हुआ कि बालिकाओं हेतु पृथक शौचालयों के अभाव से समस्या उत्पन्न हो रही थी। प्रत्येक विद्यालय में बालक-बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय एवं पेयजल सुविधा सुनिश्चित किए जाने से ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है। यह प्रमाणित करता है कि सुव्यवस्थित आंकड़ा-संग्रह एवं विश्लेषण के माध्यम से प्रौद्योगिकी समाज के अंतिम पायदान पर स्थित व्यक्ति के जीवन में भी परिवर्तन ला सकती है।


मुख्यमंत्री ने आईबीएम के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. Arvind Krishna को इस अभिनव पहल के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. कृष्णा ने उत्तर प्रदेश एवं भारत की भूमि से अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए नवाचार एवं तकनीकी सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


कार्यक्रम में आईबीएम इंडिया/साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक श्री संदीप पटेल, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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