वन्दे भारत स्लीपर और दो मेमू रेल सेवाओं का शुभारंभ, दिल्ली का सफर होगा आठ से नौ घंटे का; राजातालाब का मासिक पास 95 और प्रयागराज रामबाग का 220 रुपये निर्धारित

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।काशी से दिल्ली तक का सफर अब पहले से तेज और सुविधाजनक होने जा रहा है। वाराणसी को दीपावली और छठ पर्व से पहले तीन नई रेल सेवाओं की सौगात देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी-नई दिल्ली वन्दे भारत स्लीपर ट्रेन तथा बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। नई वन्दे भारत स्लीपर सेवा से दिल्ली की यात्रा लगभग आठ से नौ घंटे में पूरी होने की बात कही गई, जबकि भविष्य में प्रस्तावित बुलेट ट्रेन से यही दूरी साढ़े तीन घंटे में तय करने का लक्ष्य सामने रखा गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कभी काशी से दिल्ली पहुंचने में 13 से 14 घंटे लगते थे, लेकिन वन्दे भारत स्लीपर सेवा लंबी दूरी के यात्रियों को कम समय में आरामदायक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी।

स्थानीय यात्रियों के लिए शुरू की गई मेमू सेवाओं को भी महत्वपूर्ण बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी और प्रयागराज के बीच बेहतर रेल संपर्क से श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वाराणसी से राजातालाब तक मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) का किराया 95 रुपये तथा वाराणसी से प्रयागराज रामबाग तक 220 रुपये निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में कुल 10 मेमू सेवाओं के उद्घाटन की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में रेलवे के बुनियादी ढांचे में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की सभी रेल लाइनें ब्रॉडगेज में परिवर्तित हो चुकी हैं और उनका विद्युतीकरण भी पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों पर ओवरब्रिज और अंडरपास विकसित किए जा रहे हैं, जिससे रेल एवं सड़क यातायात की सुरक्षा बेहतर हो सके।

उन्होंने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके एक हजार किलोमीटर से अधिक हिस्से का विस्तार उत्तर प्रदेश में है। मालगाड़ियों के लिए अलग रेल मार्ग उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों का संचालन व्यवस्थित करने और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में सहायता मिली है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित उत्तर कॉरिडोर की जानकारी देते हुए दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना, सिलीगुड़ी और गुवाहाटी सहित विभिन्न शहरों को इससे जोड़ने की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का रेल बजट पूर्व में लगभग 1,100 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की प्राचीन आध्यात्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए सड़क, रेल, हवाई यातायात और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नई रेल सेवाएं इसी विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेंगी।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज रामबाग से वर्चुअल माध्यम से संबोधन किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने श्री काल भैरव मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।